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यह अकà¥à¤¸à¤° पà¥à¤°à¤•ट होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के लिठपाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® उबाऊ और रà¥à¤šà¤¿à¤•र नहीं होता है। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के आचरण में उलà¥à¤²à¤‚घन हो सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®, योजना उनकी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं से मेल नहीं खाती है।
गेमिंग रà¥à¤šà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ जटिल खेलों का आनंद लेते हैं और उन खेलों में रà¥à¤šà¤¿ नहीं रखते हैं जो उनके औसत कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ वाले साथियों को पसंद हैं। नतीजतन, à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ खà¥à¤¦ को अलगाव में पाता है, "अपने आप में वापस आ जाता है।"
आराम। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡, मानक आवशà¥à¤¯à¤•ताओं को असà¥à¤µà¥€à¤•ार करते हà¥à¤, इस पà¥à¤°à¤•ार अनà¥à¤°à¥‚पता के लिठपà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤ नहीं होते हैं, खासकर यदि ये मानक उनके हितों के विरà¥à¤¦à¥à¤§ जाते हैं या अरà¥à¤¥à¤¹à¥€à¤¨ लगते हैं।
दारà¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤• समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में विसरà¥à¤œà¤¨à¥¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठमृतà¥à¤¯à¥, मृतà¥à¤¯à¥ के बाद के जीवन, धारà¥à¤®à¤¿à¤• विशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ और दारà¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤• मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ जैसी चीजों के बारे में औसत बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बहà¥à¤¤ अधिक सोचना आम बात है।
शारीरिक, बौदà¥à¤§à¤¿à¤• और सामाजिक विकास के बीच विसंगति। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ अकà¥à¤¸à¤° बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ मेलजोल और खेलना पसंद करते हैं। इस वजह से, कà¤à¥€-कà¤à¥€ उनके लिठनेता बनना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे शारीरिक शिकà¥à¤·à¤¾ में बाद वाले से हीन होते हैं।
इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में, विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने नठजोड़े। तो, वà¥à¤¹à¤¿à¤Ÿà¤®à¥‹à¤° ने पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की à¤à¥‡à¤¦à¥à¤¯à¤¤à¤¾ के कारणों का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ करते हà¥à¤ निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की खोज की।
उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ (पूरà¥à¤£à¤¤à¤¾à¤µà¤¾à¤¦) के लिठपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करना। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पूरà¥à¤£à¤¤à¤¾ की आंतरिक आवशà¥à¤¯à¤•ता की विशेषता होती है। वे तब तक आराम नहीं करते जब तक वे उचà¥à¤šà¤¤à¤® सà¥à¤¤à¤° तक नहीं पहà¥à¤‚च जाते। यह गà¥à¤£ बहà¥à¤¤ पहले ही पà¥à¤°à¤•ट हो जाता है।
असंतोष की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¥¤ खà¥à¤¦ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ यह रवैया पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की इचà¥à¤›à¤¾, उनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किठजाने वाले हर काम में पूरà¥à¤£à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने की विशेषता से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है। वे अपनी उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की बहà¥à¤¤ आलोचना करते हैं, अकà¥à¤¸à¤° असंतà¥à¤·à¥à¤Ÿ रहते हैं।
अवासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• लकà¥à¤·à¥à¤¯à¥¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ अकà¥à¤¸à¤° अपने लिठउचà¥à¤š लकà¥à¤·à¥à¤¯ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करते हैं। उन तक न पहà¥à¤‚च पाने के कारण उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चिंता होने लगती है। दूसरी ओर, उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ के लिठपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करना वह शकà¥à¤¤à¤¿ है जो उचà¥à¤š उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की ओर ले जाती है।
अतिसंवेदनशीलता। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ संवेदी उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾à¤“ं के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अधिक गà¥à¤°à¤¹à¤£à¤¶à¥€à¤² होते हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ और संबंधों की बेहतर समठहोती है, वे न केवल अपने लिठबलà¥à¤•ि अपने आसपास के लोगों के लिठà¤à¥€ आलोचनातà¥à¤®à¤• होते हैं। à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ अधिक कमजोर होता है, वह अकà¥à¤¸à¤° शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ या गैर-मौखिक संकेतों को दूसरों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आतà¥à¤®-सà¥à¤µà¥€à¤•ृति की अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के रूप में मानता है। नतीजतन, à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ को अकà¥à¤¸à¤° असावधान और विचलित माना जाता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह लगातार विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾à¤“ं और उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾à¤“ं पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करता है।
वयसà¥à¤• धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। अपनी सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¤¾ और जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की इचà¥à¤›à¤¾ के कारण, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ अकà¥à¤¸à¤° शिकà¥à¤·à¤•ों, माता-पिता और अनà¥à¤¯ वयसà¥à¤•ों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करते हैं। यह दूसरों के साथ संबंधों में घरà¥à¤·à¤£ का कारण बनता है जो इस तरह के धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ की इचà¥à¤›à¤¾ से नाराज हैं।
असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾à¥¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अकà¥à¤¸à¤° उन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ होती है जो बौदà¥à¤§à¤¿à¤• विकास में उनसे नीचे होते हैं। वे दूसरों को तिरसà¥à¤•ारपूरà¥à¤£ टिपà¥à¤ªà¤£à¥€ से अलग कर सकते हैं।
उà¤à¤°à¤¤à¥€ बाजार पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का औसत परिवार की à¤à¤²à¤¾à¤ˆ के सà¥à¤¤à¤° पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। समाज में कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ के सà¥à¤¤à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सà¥à¤¤à¤°à¥€à¤•रण होता है। जिन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के माता-पिता के पास बहà¥à¤¤ पैसा नहीं है, वे इन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आतà¥à¤®-नियमन कैसे कर सकते हैं? उनके बीच कà¥à¤¯à¤¾ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती हैं?
कम आय वाले परिवारों में संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ रूप से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मà¥à¤–à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में से à¤à¤• उनका लगà¤à¤— अपरिहारà¥à¤¯ कम आंकना है। वे असफलता की पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¾ में जीते हैं और अंत में इससे बच नहीं सकते। दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ से, à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अपने अधिक समृदà¥à¤§ साथियों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में शारीरिक विकास की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है, और उनकी मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¤• विशेष रंग लेती हैं। गरीब परिवारों में शिकà¥à¤·à¤¾ के साथ-साथ बौदà¥à¤§à¤¿à¤• उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ अकà¥à¤¸à¤° उचित सà¥à¤¤à¤° पर नहीं होती है।
कम आय वाले परिवारों में, किसी न किसी रूप में अपनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ दिखाने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ रूप से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ लोगों की संखà¥à¤¯à¤¾ से कम होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनकी दैनिक वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वे सà¤à¥€ अवसर नहीं देती है जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठउपलबà¥à¤§ हैं। मधà¥à¤¯ और ऊपरी सामाजिक आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सà¥à¤¤à¤°à¥¤
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ (पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡) जिनके पास संवेदी और शारीरिक अकà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤à¤‚ हैं, वे खà¥à¤¦ को à¤à¤• समान सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पाते हैं: उनके किसी का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं जाने या सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से उपहार देने के बजाय संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ रूप से लेबल किठजाने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है। विकास की यह या वह कमी कà¤à¥€-कà¤à¥€ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤“ं को असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कर देती है। और केवल जब कमी को कà¥à¤› हद तक मà¥à¤†à¤µà¤œà¤¾ दिया जाता है या कम किया जाता है, तà¤à¥€ वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ पà¥à¤°à¤•ट हो सकती है।
संवेदी या शारीरिक विकलांग बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शिकà¥à¤·à¤•ों को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ काम करने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ रूप से पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं किया जाता है। हालांकि, उनके पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ के फायदों में से à¤à¤• यह है कि वे अलग-अलग पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ आयोजित करने और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® बनाने में सकà¥à¤·à¤® हैं। सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पढ़ाने में इस रणनीति और विधियों को लागू किया जा सकता है।
बचà¥à¤šà¥‡ की असामानà¥à¤¯ मानसिक कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤à¤‚, जो वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• उपहारों के लिठपूरà¥à¤µà¤¾à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤·à¤¾ साबित हो सकती हैं, को उपेकà¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं छोड़ा जाना चाहिà¤à¥¤
यह सोचना à¤à¤• à¤à¥‚ल होगी कि पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• मानसिक उà¤à¤¾à¤° वाले बचà¥à¤šà¥‡, जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की बढ़ती लालसा के साथ, छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की सबसे समृदà¥à¤§ शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ हैं। वासà¥à¤¤à¤µ में ये बचà¥à¤šà¥‡ अपने आप को बहà¥à¤¤ कठिन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पाते हैं। हां, उनमें कोई पà¥à¤¨à¤°à¤¾à¤µà¤°à¥à¤¤à¤• नहीं है, लेकिन उनका विकास अनà¥à¤¯ कठिनाइयों से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है। सà¥à¤•ूल उनके अवसरों का बहà¥à¤¤ कम उपयोग करता है, उनके आगे के विकास के लिठलगà¤à¤— कोई चिंता नहीं दिखाता है।
अधिकांश शिकà¥à¤·à¤•ों के पास ककà¥à¤·à¤¾ से पहले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करने का समय नहीं होता है। कà¥à¤› शिकà¥à¤·à¤• असामानà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ वाले छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के साथ हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª à¤à¥€ करते हैं, जिसमें हमेशा सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ मानसिक गतिविधि नहीं होती है। और छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के बीच, à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ कà¤à¥€-कà¤à¥€ खà¥à¤¦ को मà¥à¤¶à¥à¤•िल सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पाते हैं - उनके पास ककà¥à¤·à¤¾ में बाकी सà¤à¥€ लोगों के समान à¤à¤¾à¤·à¤£ नहीं होता है, अनà¥à¤¯ शौक के साथ साà¤à¤¾ नहीं किया जाता है।
घर पर, असामयिक बचà¥à¤šà¥‡ अकà¥à¤¸à¤° अपने à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के बारे में पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा या अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ चिंता का अनà¥à¤à¤µ करते हैं। और à¤à¤• परिवार में à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसामानà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक कठिन होता है।
कौन कह सकता है कि कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं को कितना नà¥à¤•सान हà¥à¤† है, कितनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤“ं को समाज ने सिरà¥à¤« इसलिठनहीं पढ़ाया है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को तà¥à¤µà¤°à¤¿à¤¤ मानसिक विकास के साथ शिकà¥à¤·à¤¿à¤¤ और शिकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करना नहीं जानते हैं?
उन छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤• नैतिक, वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण खोजना आसान समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं है, जो दूसरों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में मजबूत, उजà¥à¤œà¤µà¤² हैं, मानसिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ हैं। आखिरकार, यदि पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• बचà¥à¤šà¥‡ की अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हम न केवल अतीत को दोहराते हà¥à¤ मिलते हैं, बलà¥à¤•ि हमेशा à¤à¤• नई, मूल दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के साथ मिलते हैं, तो यह तेजी से मानसिक विकास वाले बचà¥à¤šà¥‡ में विशेष रूप से धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने योगà¥à¤¯ है।
शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में, à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के संबंध में, दो चरम सीमाओं से बचना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
à¤à¤• चरम यह विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करना है कि à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• मानसिक उतà¥à¤¥à¤¾à¤¨ वाले बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के लिठकिसी à¤à¤¾à¤—ीदारी और समरà¥à¤¥à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है, वह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ हमेशा अपने आप टूट जाà¤à¤—ी। बेशक, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€, कà¥à¤› मामलों में, कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤à¤‚ उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° तक विकसित होती हैं, और शायद विशेष ताकत à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करती हैं। लेकिन आखिरकार, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में, यह कà¥à¤› और हो सकता है: à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समय पर उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने वाले अवसर कà¥à¤› मायनों में छूट जाà¤à¤‚गे, या बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦ à¤à¥€ हो जाà¤à¤‚गे।
सबसे अनà¥à¤•ूल परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का विकास बहà¥à¤¤ सी परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर निरà¥à¤à¤° करता है, जिनमें से लगà¤à¤— सà¤à¥€ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ किया जा सकता है। यहाठऔर à¤à¤• बढ़ते वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• आकांकà¥à¤·à¤¾à¤“ं और समय पर अनà¥à¤®à¥‹à¤¦à¤¨ के लिठसमरà¥à¤¥à¤¨à¥¤ किसी à¤à¥€ तरह से पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• मानसिक फूल का मतलब यह नहीं है कि वयसà¥à¤• निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ हो सकते हैं। यहां शिकà¥à¤·à¤•, शिकà¥à¤·à¤• की à¤à¥‚मिका अनà¥à¤¯ मामलों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कम महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ नहीं हो सकती है।
दूसरा चरम मानसिक कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं के विकास में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª है। उचित आधारों से रहित दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण, जिसने कà¥à¤› मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की है, यह है कि कम उमà¥à¤° में बचà¥à¤šà¥‡ की संवेदनशीलता इतनी अधिक होती है कि, इन वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ के दौरान गहन पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ के माधà¥à¤¯à¤® से, कोई à¤à¥€ मनमाने ढंग से उचà¥à¤š कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ विकसित कर सकता है। साथ ही, न केवल इस बात को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि इस उमà¥à¤° का बचà¥à¤šà¤¾ गहन पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ के साथ कà¥à¤¯à¤¾ हासिल करने में सकà¥à¤·à¤® है, बलà¥à¤•ि यह à¤à¥€ कि उसकी शारीरिक और नà¥à¤¯à¥‚रो-मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• लागतें कà¥à¤¯à¤¾ हैं। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह जà¥à¤žà¤¾à¤¤ है कि खतरे की अधिकता, अधिक थकान सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और आगे के विकास के लिठकà¥à¤¯à¤¾ है।
इन चरम सीमाओं का विरोध करने वाला सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त इस तथà¥à¤¯ पर उबलता है कि शिकà¥à¤·à¤• का कारà¥à¤¯ बढ़ते वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की अपनी गतिविधि, उसकी संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रचनातà¥à¤®à¤• आवशà¥à¤¯à¤•ताओं को शिकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करना है। यह महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि इस तथà¥à¤¯ की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ न खोà¤à¤‚ कि बचà¥à¤šà¥‡ की मानसिक गतिविधि, उसकी संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• आवशà¥à¤¯à¤•ता, उसके à¤à¥à¤•ाव बढ़ते वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ की उà¤à¤°à¤¤à¥€ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को पà¥à¤°à¤•ट करते हैं।
हाल ही में, सà¥à¤•ूल और परिवार की मदद के लिठ"मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• सेवा" का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° करने की तैयारी की गई है। यह वांछनीय है कि मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• परामरà¥à¤¶ के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• उन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं पर विचार करना चाहिठजो कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं के पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• उदय के संबंध में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती हैं।
बेशक, असाधारण मानसिक कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ अनà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की कीमत पर नहीं होना चाहिà¤, जिनका विकास अलग तरह से होता है। लेकिन इन लकà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ को अपनी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं, शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण के अनà¥à¤°à¥‚प, सà¥à¤µà¤¯à¤‚ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में, अà¤à¥€ à¤à¥€ बहà¥à¤¤ कà¥à¤› सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ किया जाना बाकी है, और यहाठशिकà¥à¤·à¤•ों के लिठà¤à¤• अनà¥à¤•ूल, आशाजनक, लेकिन गतिविधि का बहà¥à¤¤ कठिन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° है।
यदि हम विचार करें कि विदेशों में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ काम करने की समसà¥à¤¯à¤¾ का समाधान कैसे किया जाता है, तो हम निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दे सकते हैं। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ लोगों के पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ और शिकà¥à¤·à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में गहरी दिलचसà¥à¤ªà¥€ रखती है।
कई पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लोगों के लिà¤, à¤à¤• रचनातà¥à¤®à¤• कैरियर की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ à¤à¤• देर से उमà¥à¤° को संदरà¥à¤à¤¿à¤¤ करती है। वहीं, उनमें से कà¥à¤› बचपन और किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ में अपने साथियों से अलग नहीं रहते हैं। और यह, ज़ाहिर है, à¤à¤• सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¥€à¤•रण की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। इसकी और à¤à¥€ अधिक आवशà¥à¤¯à¤•ता à¤à¤¸à¥‡ मामले हैं, जब बचपन में, à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की हसà¥à¤¤à¥€ की à¤à¤• औसत दरà¥à¤œà¥‡ के, "बेवकूफ" छातà¥à¤° के रूप में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा थी। बी पासà¥à¤•ल, ठआइंसà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ जैसे विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के दिगà¥à¤—जों के कमजोर पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ को जाना जाता है। इस तरह के तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को आमतौर पर अलग-अलग तरीकों से समà¤à¤¾à¤¯à¤¾ जाता है: à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ के आलसà¥à¤¯ से, उचित अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ की कमी, जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾, साथ ही उन लोगों में कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं की देर से और अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ जो बचपन में थोड़े "बेवकूफ" थे।
के. कॉकà¥à¤¸ ने इस पà¥à¤°à¤•ार की विसंगति का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ करने का निरà¥à¤£à¤¯ लिया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सबसे अचà¥à¤›à¥€ तरह से पà¥à¤°à¤²à¥‡à¤–ित आतà¥à¤®à¤•थाओं में से 100 से अधिक का चयन किया। यह पता चला कि इन सà¤à¥€ मामलों में तथà¥à¤¯ किंवदंती से बहà¥à¤¤ अलग थे - मूरà¥à¤–ता कालà¥à¤ªà¤¨à¤¿à¤• थी। वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• कारण सà¥à¤•ूल के तरीकों, सà¥à¤•ूली शिकà¥à¤·à¤¾ की पà¥à¤°à¤•ृति और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ की संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• आवशà¥à¤¯à¤•ताओं और à¤à¥à¤•ाव के बीच विसंगति थी। इसलिठपासà¥à¤•ल को बचपन में पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं से घृणा थी, जो उन दिनों सà¥à¤•ूली पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® का à¤à¤• अनिवारà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¤¾ थी। यह इस नापसंदगी के कारण था कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी अपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा का शà¥à¤°à¥‡à¤¯ दिया गया था।
"महान लोग," डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚ ओसà¥à¤Ÿà¤µà¤¾à¤²à¥à¤¡ ने लिखा, "बचपन में लगà¤à¤— सà¤à¥€ बà¥à¤°à¥‡ छातà¥à¤° थे। यह इस तथà¥à¤¯ से समà¤à¤¾à¤¯à¤¾ गया है कि सà¥à¤•ूल अपने विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सबसे विविध विषयों के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में कà¥à¤› "औसत" जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के अधिगà¥à¤°à¤¹à¤£ के लिठपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करता है, और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त विषयों से पà¥à¤¯à¤¾à¤° करने के लिठछातà¥à¤° की विशेष कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾, जो आमतौर पर घृणा से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होता है दूसरों को, मन की अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• अवांछनीय दिशा के रूप में सà¥à¤•ूल दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सताया जाता है। लेकिन चरम à¤à¤•तरफा à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के महान लोगों के सबसे विशिषà¥à¤Ÿ (हालांकि पूरी तरह से बिना शरà¥à¤¤ नहीं) संकेतों में से à¤à¤• है, और सà¥à¤•ूल की इस à¤à¤•तरफाता को खतà¥à¤® करने या नषà¥à¤Ÿ करने की इचà¥à¤›à¤¾ का मतलब à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ को बाहर निकालने की इचà¥à¤›à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कà¥à¤› नहीं है। जितना संà¤à¤µ हो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¥¤
इन शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ की वैधता को यà¥à¤µà¤¾ à¤. आइंसà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ के उदाहरण पर देखा जा सकता है। आइंसà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ की पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• रà¥à¤šà¤¿ à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤•ी और गणित में थी। मà¥à¤¯à¥‚निख वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®à¤¶à¤¾à¤²à¤¾ में, जहाठउनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपना पहला सà¥à¤•ूल वरà¥à¤· बिताया, वे à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤•ी और गणित दोनों में अपने सहपाठियों से आगे थे। हालाà¤à¤•ि, वह इस संसà¥à¤¥à¤¾ पर हावी होने वाली शैकà¥à¤·à¤¿à¤• विधियों से संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ नहीं थे। “वह पारंपरिक तरीकों से दूर जा रहे थे और साधारण समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को हल करने के नठतरीकों की तलाश कर रहे थे। लैटिन और गà¥à¤°à¥€à¤• का चरमराना, दिनचरà¥à¤¯à¤¾ और अनà¥à¤¯ विषयों में बेकार जानकारी की पà¥à¤°à¤šà¥à¤°à¤¤à¤¾, वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®à¤¶à¤¾à¤²à¤¾ की बैरक à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ और वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®à¤¶à¤¾à¤²à¤¾ अधिकारियों की अजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¤à¤¾ असहनीय हो गई ... उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®à¤¶à¤¾à¤²à¤¾ छोड़ने की पेशकश की गई, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनकी उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ नषà¥à¤Ÿ हो जाती है छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ में विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ समà¥à¤®à¤¾à¤¨ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾..."आइंसà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ ने अपनी माधà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ कैंटोनल आराउ सà¥à¤•ूल में पूरी की। शिकà¥à¤·à¤£ पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ और शिकà¥à¤·à¤•ों की संरचना के मामले में यह शिकà¥à¤·à¤£ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ सबसे पहले में से à¤à¤• था। आइंसà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ ने वहां बड़े उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ के साथ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया और बिना परीकà¥à¤·à¤¾ के सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤• होने के बाद उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जà¥à¤¯à¥‚रिख पॉलिटेकà¥à¤¨à¤¿à¤• में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ किया।
अमेरिका में, पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ लोगों की 400 आतà¥à¤®à¤•थाओं का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया गया है। उनमें से लगà¤à¤— 60% को इसकी परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤•ूलन के संबंध में सà¥à¤•ूल में गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ थीं।
नतीजतन, उपहार के बाद के रहसà¥à¤¯à¥‹à¤¦à¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ को इस तरह से पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करना गलत पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ होगा कि यह पहले खà¥à¤¦ को पà¥à¤°à¤•ट नहीं करता था। सबसे अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है, à¤à¤¸à¥€ अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ थीं, लेकिन वे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल बाहरी परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से दब गठथे।
1975 से, लगà¤à¤— दो वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ के अंतराल के साथ, अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ आयोजित किठगठहैं। हालाà¤à¤•ि, इस समसà¥à¤¯à¤¾ पर सामानà¥à¤¯ सैदà¥à¤§à¤¾à¤‚तिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ विकसित करने और इसके वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• समाधान को सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के इतने गहन पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ के बावजूद, विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के बीच अà¤à¥€ à¤à¥€ बहà¥à¤¤ बड़ी राय है।
उनमें से तीन मà¥à¤–à¥à¤¯ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोणों को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित किया जा सकता है:
पहला यह है कि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¤• सामानà¥à¤¯ वरà¥à¤— की परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पढ़ाया और लाया जाता है, लेकिन वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° जिसमें "समृदà¥à¤§à¤¿" (अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ अपेकà¥à¤·à¤¿à¤¤ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾) और "तà¥à¤µà¤°à¤£" के ततà¥à¤µ होते हैं। उतà¥à¤¤à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¦à¥à¤§ में à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ वरà¥à¤— के लिठआवधिक "कूदना" शामिल है।
· दूसरा तरीका à¤à¤• नियमित सà¥à¤•ूल की संरचना में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठविशेष ककà¥à¤·à¤¾à¤“ं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ है।
तीसरा इस दल के लिठविशेष विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ का संगठन है।
सà¤à¥€ तीन दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को सà¥à¤•ूल पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ालय में सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° काम पर अपने अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के समय का हिसà¥à¤¸à¤¾ बिताने का अवसर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं, जो निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से इसके लिठआवशà¥à¤¯à¤• हर चीज से लैस होना चाहिà¤à¥¤
यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जाना चाहिठकि हाल ही में उपहारों के लिठविशेष सà¥à¤•ूलों के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ को छोड़ने की à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ रही है। साथ ही, निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित तरà¥à¤• को मà¥à¤–à¥à¤¯ तरà¥à¤• के रूप में सामने रखा गया है (हम माधà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• के à¤à¤• करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ के बयान को उदà¥à¤§à¥ƒà¤¤ करते हैं जहां उपहार के लिठकारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® लागू किया गया है): "मेरा मानना ​​​​है कि अलग-अलग सà¥à¤•ूलों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ à¤à¤• है गलती। आखिरकार, à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को अपना अधिकांश जीवन सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के लोगों से बने समाज में बिताना चाहिà¤à¥¤ मà¥à¤–à¥à¤¯ बात à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ को उचित बौदà¥à¤§à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करना है।
à¤à¤• जन विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ की संरचना में कारà¥à¤¯ करने वाले पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ लोगों के लिठविशेष ककà¥à¤·à¤¾à¤“ं को वरीयता दी जाती है। à¤à¤• ओर, à¤à¤¸à¥€ ककà¥à¤·à¤¾à¤à¤‚ इन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अनà¥à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ से अलग नहीं करती हैं, लेकिन दूसरी ओर, वे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¸à¥‡ या उससे à¤à¥€ अधिक सकà¥à¤·à¤® छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के साथ मिलकर अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ करने का अवसर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती हैं।
à¤à¤• अनà¥à¤¯ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ और पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ का विकास और कारà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤µà¤¯à¤¨, रचनातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िताओं और ओलंपियाड का आयोजन है।
बाल पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ के शोधकरà¥à¤¤à¤¾ (D.B. Bogoyavlenskaya, N.S. Leites, A.I. Savenkov और अनà¥à¤¯) à¤à¤¸à¥€ मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• और शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करना आवशà¥à¤¯à¤• मानते हैं, जिसके तहत पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के लिठरचनातà¥à¤®à¤• गतिविधि में अपने आतà¥à¤®-साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤•, बौदà¥à¤§à¤¿à¤• और रचनातà¥à¤®à¤• अवसर विकसित करना संà¤à¤µ है। और पेशेवर गतिविधि में आतà¥à¤®-साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार।
आधà¥à¤¨à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ शिकà¥à¤·à¤¾ के मà¥à¤–à¥à¤¯ विषय के रूप में छातà¥à¤° के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ की मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ को अपना पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• लकà¥à¤·à¥à¤¯ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करती है। यह लकà¥à¤·à¥à¤¯ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤£ तब पà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤‚गिक होता है जब पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की बात आती है, जो समाज के लिठविशेष महतà¥à¤µ रखते हैं।
आधà¥à¤¨à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ के विकास के शोधकरà¥à¤¤à¤¾ बी.à¤à¤®. बिम-बैड, बी.à¤à¤¸. गेरà¥à¤¶à¥à¤¨à¥à¤¸à¥à¤•ी, वी.आई. ज़ागà¥à¤µà¥à¤¯à¤¾à¤œà¤¼à¤¿à¤‚सà¥à¤•ी, वी.à¤. काराकोवसà¥à¤•ी, à¤à¤®.à¤à¤®. पोटाशनिक और अनà¥à¤¯ का ठीक ही मानना ​​​​है कि सà¥à¤•ूल, शिकà¥à¤·à¤• अब दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के साथ सदà¥à¤à¤¾à¤µ में à¤à¤• अà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ नैतिक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ के पालन-पोषण की समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना करते हैं। सà¥à¤µà¤¯à¤‚। इसके अलावा, मानव मन पर पृथà¥à¤µà¥€ पर जीवन के असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ की निरà¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ अधिक से अधिक सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होती जा रही है।
सामानà¥à¤¯ तौर पर, यह तरà¥à¤• दिया जा सकता है कि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की शिकà¥à¤·à¤¾, विकास और पालन-पोषण के मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ आधà¥à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤•ूल के लिठविशेष महतà¥à¤µ रखते हैं। आज, à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पढ़ाने की समसà¥à¤¯à¤¾ तेजी से बदलती दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की नई परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और आवशà¥à¤¯à¤•ताओं से सीधे संबंधित है, जिसने गतिविधि के à¤à¤• विशेष कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं वाले लोगों के लिठलकà¥à¤·à¤¿à¤¤ शिकà¥à¤·à¤¾ के आयोजन के विचार को जनà¥à¤® दिया।
विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन के निरà¥à¤£à¤¯ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को किशोर अपराधी, शराबियों के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ "जोखिम समूह" में शामिल किया गया है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ विशेष वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚, विशेष रूप से पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ शिकà¥à¤·à¤•ों, विशेष सà¥à¤•ूलों (सà¥à¤•ूल जहां वे जानते हैं और à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ की विशेषताओं और समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हैं, जहां वह अपने à¤à¥à¤•ाव और कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° विकसित होगा) की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
उपहार को तीन विशेषताओं के विशेष संयोजन के रूप में माना जा सकता है:
à¤à¤•ीकृत वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त: जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¤¾ (संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• आवशà¥à¤¯à¤•ता) - बचà¥à¤šà¤¾ जितना अधिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ होता है, उसकी नई, अजà¥à¤žà¤¾à¤¤ को जानने की इचà¥à¤›à¤¾ उतनी ही अधिक सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होती है, और यह नई जानकारी, नठजà¥à¤žà¤¾à¤¨ की खोज में, कई पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ पूछने की निरंतर इचà¥à¤›à¤¾ में पà¥à¤°à¤•ट होता है। निरà¥à¤µà¤¿à¤µà¤¾à¤¦ अनà¥à¤¸à¤‚धान, रचनातà¥à¤®à¤• गतिविधि (खिलौने का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ करने की इचà¥à¤›à¤¾, जानवरों के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° का पता लगाना); समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अतिसंवेदनशीलता - à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ को देखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ जहां दूसरों को कà¥à¤› à¤à¥€ असामानà¥à¤¯ नहीं दिखता - यह à¤à¤• रचनातà¥à¤®à¤• विचारक की à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ विशेषता है। पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥‹ ने à¤à¥€ कहा था कि जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ से होती है जो सामानà¥à¤¯ है।
मानसिक विकास के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की विशेषताà¤à¤‚: सोच की मौलिकता - नà¤, अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¿à¤¤ विचारों को सामने रखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ जो वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• रूप से जà¥à¤žà¤¾à¤¤, आम तौर पर सà¥à¤µà¥€à¤•ृत लोगों से à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होती हैं। यह बचà¥à¤šà¥‡ की सोच और वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में, साथियों और वयसà¥à¤•ों के साथ संचार में, उसकी सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की गतिविधियों में पà¥à¤°à¤•ट होता है (चितà¥à¤°à¥‹à¤‚, निबंधों, कहानियों, डिजाइन की सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ की पà¥à¤°à¤•ृति और विषय में सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤); सोच का लचीलापन - à¤à¤• वरà¥à¤— की घटनाओं से दूसरे वरà¥à¤— में जलà¥à¤¦à¥€ और आसानी से सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾, अकà¥à¤¸à¤° सामगà¥à¤°à¥€ में दूर।
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त विकास के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की विशेषताà¤à¤‚: कारà¥à¤¯ की सामगà¥à¤°à¥€ के लिठउतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ उपहार की पà¥à¤°à¤®à¥à¤– विशेषता है। गतिविधि तब कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं को विकसित करने के à¤à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ साधन के रूप में कारà¥à¤¯ करती है जब यह करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ से नहीं, इनाम पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने की इचà¥à¤›à¤¾ से नहीं, बलà¥à¤•ि सबसे पहले, सामगà¥à¤°à¥€ में रà¥à¤šà¤¿ से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ होती है। बचà¥à¤šà¥‡ की गतिविधियों और वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में पà¥à¤°à¤•ट; गैर-अनà¥à¤°à¥‚पता - हर कीमत पर बहà¥à¤®à¤¤ की राय का विरोध करने की इचà¥à¤›à¤¾, इसकी सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ और सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ की विशेषता है। यह अपने सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण का बचाव करने की ततà¥à¤ªà¤°à¤¤à¤¾ में पà¥à¤°à¤•ट होता है, à¤à¤²à¥‡ ही यह बहà¥à¤®à¤¤ की राय का खंडन करता हो, पारंपरिक रूप से कारà¥à¤¯ करने और कारà¥à¤¯ करने की इचà¥à¤›à¤¾ में, मूल तरीके से नहीं; नेतृतà¥à¤µ - पारसà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤• संबंधों में पà¥à¤°à¤à¥à¤¤à¥à¤µà¥¤ इन विशेषताओं को आसानी से देखा जा सकता है और शिकà¥à¤·à¤• को इन पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤à¥¤
सà¥à¤•ूली बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ के शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं का अनà¥à¤¸à¤°à¤£ करते हà¥à¤, हम सà¥à¤•ूल में à¤à¤¸à¥‡ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के तीन समूहों को अलग करते हैं।
बौदà¥à¤§à¤¿à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं के विकास के उचà¥à¤š सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤° वाले सà¥à¤•ूली बचà¥à¤šà¥‡à¤¸à¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से औसत सà¥à¤¤à¤° से अधिक; लकà¥à¤·à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने में रचनातà¥à¤®à¤•ता और दृढ़ता। इन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ की अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• विकसित à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ और बहà¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त मूलà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ है।
जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में विशेष मानसिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ के संकेत वाले सà¥à¤•ूली बचà¥à¤šà¥‡, किसी विशेष पà¥à¤°à¤•ार की गतिविधि में संलगà¥à¤¨ होने की पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता के साथ, लेकिन दूसरों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं की गैर-मौखिक अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठअतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• संवेदनशीलता के साथ, अकà¥à¤¸à¤° असामाजिक वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के साथ।
सà¥à¤•ूली बचà¥à¤šà¥‡ जो किसी कारण से सीखने में सफलता पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं करते हैं, लेकिन जिनके पास उजà¥à¤œà¥à¤µà¤² संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• गतिविधि, मानसिक मेकअप की मौलिकता, उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ मानसिक à¤à¤‚डार, रचनातà¥à¤®à¤•ता, सोच की उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤•ता, नेतृतà¥à¤µ करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ है।
मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• और शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• विचार के विकास के वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ चरण में उपहार को à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का माना जा सकता है विचलन, अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कई मामलों में विचलन के वाहक के रूप में पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया जाता है, जो उनके साथ काम करते समय कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा करता है।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ "विकलांग" बचà¥à¤šà¥‡ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होते हैं?
आइठबचà¥à¤šà¥‡ की सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ और मूल विकासशील वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ के निसà¥à¤¸à¤‚देह वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ सकारातà¥à¤®à¤• गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के विपरीत पकà¥à¤· होने के कारण कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ कà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर विचार करें।
वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में मौजूद समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का पहला समूह à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के नकारातà¥à¤®à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ-वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° संबंधी पहलà¥à¤“ं से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है, जिनमें से निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जा सकता है:
अहंकार और किसी अनà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की बात मानने में असमरà¥à¤¥à¤¤à¤¾, खासकर अगर वह बौदà¥à¤§à¤¿à¤• रूप से कमजोर है;
यदि पाठà¥à¤¯à¤šà¤°à¥à¤¯à¤¾ उबाऊ और रà¥à¤šà¤¿à¤•र न हो तो विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अरà¥à¤šà¤¿;
साथियों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में शारीरिक विकास में पिछड़ जाना, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ बौदà¥à¤§à¤¿à¤• गतिविधियों को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता देता है;
संवाद की संसà¥à¤•ृति की कमी और वारà¥à¤¤à¤¾à¤•ार के विचार को समापà¥à¤¤ करने की इचà¥à¤›à¤¾, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पहले शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ से ही वह समसà¥à¤¯à¤¾ का सार समठलेता है;
बातचीत के दौरान वारà¥à¤¤à¤¾à¤•ार को बाधित करने और सही करने की इचà¥à¤›à¤¾, अगर वह तारà¥à¤•िक तà¥à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ करता है या गलत शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर जोर देता है;
अनà¥à¤°à¥‚पता की कमी और समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के कारण विवाद में हमेशा सही रहने की इचà¥à¤›à¤¾;
साथियों को आजà¥à¤žà¤¾ देने की इचà¥à¤›à¤¾ - अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ वह उनसे ऊब जाता है।
ये समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚, या, दूसरे शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में, à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के अनाकरà¥à¤·à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ लकà¥à¤·à¤£, सामाजिक-मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• कठिनाइयों का à¤à¤• जटिल हिसà¥à¤¸à¤¾ बनाते हैं, जिससे शिकà¥à¤·à¤• के लिठà¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ के साथ काम करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है, जिससे अकà¥à¤¸à¤° कà¥à¤¤à¥à¤¸à¤¿à¤¤ लकà¥à¤·à¤£ होते हैं। सामाजिक-मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•, संचार कठिनाइयों को निमà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° टाइप किया जा सकता है।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की सामाजिक-मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ शिकà¥à¤·à¤•ों और सà¥à¤•ूल मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों के लिठअचà¥à¤›à¥€ तरह से जà¥à¤žà¤¾à¤¤ कà¥à¤¤à¥à¤¸à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के रूप में पà¥à¤°à¤•ट होती हैं, जैसे, उदाहरण के लिà¤, सहयोगी और आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤•। उसके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सहकरà¥à¤®à¥€ और वयसà¥à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¥à¤¾ के खिलाफ बचà¥à¤šà¥‡ का विरोध, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से असंतोष, उसकी महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ जरूरतों का लंबे समय तक दमन - गतिविधि के लिà¤, उसकी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं का पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨, नेतृतà¥à¤µ, आदि - पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¤•ारी असामाजिकता, रकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤•ता का रूप ले सकता है। वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ बचà¥à¤šà¤¾ दूसरों के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ और आकलन के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤•, हिंसक और निरà¥à¤¦à¤¯à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करता है, खà¥à¤¦ को गैर-मानक, यहां तक ​​​​कि सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से असामाजिक कृतà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ देता है: चीजों को खराब करता है, अशà¥à¤²à¥€à¤² कसम खाता है, à¤à¤—ड़ा करता है, आदि।
अकà¥à¤¸à¤° सà¥à¤•ूल अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ में, à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ की विपरीत सामाजिक-मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को उसकी पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और जरूरतों के दमन की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ पाया जा सकता है: खà¥à¤¦ में वापसी, उसकी कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾à¤“ं और सपनों की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में, उदासीनता, सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€, अरà¥à¤šà¤¿ संपरà¥à¤•ों में। अवसादगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¤•ारी विशेषताओं को ले सकता है।
इस तरह के सामाजिक-मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के गंà¤à¥€à¤° कारणों में से à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ के ततà¥à¤•ाल सामाजिक वातावरण, उसकी महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• जरूरतों से दीरà¥à¤˜à¤•ालिक अà¤à¤¾à¤µ (दमन, असंतोष) है।
सामाजिक-मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का à¤à¤• अनà¥à¤¯ कारण बचà¥à¤šà¥‡ में संचार के साधनों के गठन की कमी है। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इसका अनà¥à¤à¤µ होने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है। इसकी उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ अकà¥à¤¸à¤° बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पूरà¥à¤µà¤¸à¥à¤•ूली अतीत में होती है, उस विशेष बखà¥à¤¶à¤¤à¥‡ वातावरण में जो पà¥à¤¯à¤¾à¤° करने वाले माता-पिता ने उनके लिठबनाया है।
समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में से à¤à¤• यह है कि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के विकास और शिकà¥à¤·à¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•ता और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ काम करने के लिठशिकà¥à¤·à¤•ों के अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सैदà¥à¤§à¤¾à¤‚तिक और वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ के बीच विरोधाà¤à¤¾à¤¸ अधिक से अधिक वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• होता जा रहा है। इस विरोधाà¤à¤¾à¤¸ के आधार पर, à¤à¤• सामानà¥à¤¯ शिकà¥à¤·à¤¾ सà¥à¤•ूल में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के विकास और शिकà¥à¤·à¤¾ के लिठमनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• और शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है।
उपरोकà¥à¤¤ सà¤à¥€ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤, हम पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के कà¥à¤°à¥‚पता की सबसे सामानà¥à¤¯ विशेषताओं पर पà¥à¤°à¤•ाश डालते हैं। इस:
समान विचारधारा वाले मितà¥à¤° खोजने में कठिनाइयाà¤;
खेल और साथियों के मनोरंजन में à¤à¤¾à¤—ीदारी की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚;
अनà¥à¤°à¥‚पता की समसà¥à¤¯à¤¾, अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥à¥¤ दूसरों के अनà¥à¤•ूल होने की कोशिश करना, हर किसी की तरह दिखना, किसी के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ की असà¥à¤µà¥€à¤•ृति;
बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤‚ड और à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• रà¥à¤šà¤¿;
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ के नà¥à¤•सान के कारण के रूप में विकास का डिससिंकà¥à¤°à¥‹à¤®à¤¿à¤¯à¤¾à¥¤
जो कà¥à¤› कहा गया है, उससे यह आà¤à¤¾à¤¸ हो सकता है कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ à¤à¤• असामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है और यह हमेशा विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की कठिनाइयों के साथ होती है। यह सच नहीं है। à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ है जो अलग तरह से विकसित होता है, उसे रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ मानदंडों में बदलाव की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, अनà¥à¤¯ पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®, जो इस शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ के छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के साथ काम करते समय मà¥à¤–à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की सामगà¥à¤°à¥€ है।
à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ को समय पर "नोटिस" करना विशेष रूप से कठिन है। à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समय पर à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ को "पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€" या "उपहार नहीं" के रूप में पहचानने का अरà¥à¤¥ है उसके à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ में कृतà¥à¤°à¤¿à¤® रूप से हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª करना, उसकी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤ªà¤°à¤• अपेकà¥à¤·à¤¾à¤“ं को पहले से निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करना। यह याद रखना चाहिठकि विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ को कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किया जा सकता है। बचà¥à¤šà¥‡ के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° की विशेषताओं का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ करते हà¥à¤, शिकà¥à¤·à¤• को यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठकि à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ हैं जिनकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ अà¤à¥€ तक वे नहीं देख पाठहैं। यह à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि बचपन में दिखाई देने वाले उपहार के लकà¥à¤·à¤£, यहां तक ​​​​कि सबसे अनà¥à¤•ूल परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€, धीरे-धीरे गायब हो सकते हैं। बाल मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में है शबà¥à¤¦ "लà¥à¤ªà¥à¤¤ होती पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾", कà¥à¤·à¥€à¤£à¤¨ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारणों से हो सकता है। उनमें से à¤à¤• उपहार की संरचना में रचनातà¥à¤®à¤• घटक की अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है। à¤à¤• अनà¥à¤¯ संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कारण बाहरी परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बदलाव से संबंधित है जिसके लिठबचà¥à¤šà¥‡ को समय पर तैयार नहीं किया गया था। अकà¥à¤¸à¤° यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के आगे के विकास की जरूरतों और तथाकथित मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ वरà¥à¤— में शिकà¥à¤·à¤¾ और पालन-पोषण की शरà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बीच à¤à¤• विसंगति के कारण होता है। यदि माता-पिता और शिकà¥à¤·à¤•ों की ओर से कोई परोपकारी विकासातà¥à¤®à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण नहीं है, तो सà¥à¤•ूल, शिकà¥à¤·à¤¾ की अपनी समतल पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के साथ, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं के विकास में हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª करता है। यदि बचà¥à¤šà¥‡ को सीखने के कौशल विकसित करने में मदद नहीं की जाती है, तो "लà¥à¤ªà¥à¤¤ होने" की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक हो जाती है, जो कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को जनà¥à¤® देती है, जिनमें से हैं: सà¥à¤•ूल के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अरà¥à¤šà¤¿, शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ में कमी, अवासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• लकà¥à¤·à¥à¤¯, असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾, आदि। .
हालाà¤à¤•ि, यदि सà¤à¥€ सामानà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के संबंध में, जब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सीखने, वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°, संचार में कठिनाइयाठहोती हैं, शिकà¥à¤·à¤•, मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• और माता-पिता उनके कारणों की पहचान करके उनकी मदद करने और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ठीक करने के तरीकों की तलाश कर रहे हैं, तो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ मौलिक रूप से अलग है। .
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ काम करने के लिठपà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होने के लिà¤, इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को जनà¥à¤® देने वाले वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• तंतà¥à¤° का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ और पहचान करना आवशà¥à¤¯à¤• है, और यह समà¤à¤¨à¥‡ के लिठकि उपहार केवल à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ की उचà¥à¤š कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं का परिणाम नहीं है, बलà¥à¤•ि सबसे पहले यह à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है। उनके वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के संबंध में।
बाल पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ की घटना के साथ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°, संचार और सीखने की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के पीछे विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारक हैं। यह इसका परिणाम हो सकता है: ओटोजेनेटिक विकास में विकार - कà¥à¤› आनà¥à¤µà¤‚शिक कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ के पारित होने में देरी या उलटा (अनà¥à¤•à¥à¤°à¤® का उलà¥à¤²à¤‚घन), उचà¥à¤š मानसिक कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ (à¤à¤šà¤à¤®à¤à¤«) के विकास में कारà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• अपरिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾, साथ ही उमà¥à¤° के चरणों के माधà¥à¤¯à¤® से अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ जीवन और विकृत संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾à¥¤
सामानà¥à¤¯ तौर पर, à¤à¤• औसत सà¥à¤•ूल में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ काम करने में मà¥à¤–à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤ निमà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° तैयार की जा सकती हैं:
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ का निदान करने में विफलता।
पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ साहितà¥à¤¯ का अà¤à¤¾à¤µà¥¤
à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ काम करने के लिठसमय की कमी।
उचà¥à¤š छातà¥à¤° कारà¥à¤¯à¤à¤¾à¤°à¥¤
विषय में जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के विसà¥à¤¤à¤¾à¤° के मूलà¥à¤¯ के बारे में छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गलतफहमी।
सà¤à¥€ पहचानी गई समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को गैर-मानक, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के साथ काम करने के लिठकारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ के विकास की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। इस संबंध में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित बिंदà¥à¤“ं पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जा सकता है। रूस में आधà¥à¤¨à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ काम करने के लिठपà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ शिकà¥à¤·à¤•ों की सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कमी का अनà¥à¤à¤µ कर रही है। शिकà¥à¤·à¤•ों के पेशेवर पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ का विषय अà¤à¤¿à¤µà¤¿à¤¨à¥à¤¯à¤¾à¤¸, विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ में मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• और शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• विषयों के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के लिठआवंटित घंटों की मातà¥à¤°à¤¾ में कमी, निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से, à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के शिकà¥à¤·à¤•ों में शैकà¥à¤·à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को सकà¥à¤·à¤® रूप से अलग करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के गठन में योगदान नहीं करते हैं। और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के विकास के लिठवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त योजनाà¤à¤ बनाना। साथ ही, उपहार के समरà¥à¤¥à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ का समाधान देश की बौदà¥à¤§à¤¿à¤• और रचनातà¥à¤®à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ के साथ जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है।
60 के दशक से। 20 वीं सदी हमारे देश में विशेष ककà¥à¤·à¤¾à¤à¤‚ और सà¥à¤•ूल हैं जहां बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का चयन उनके à¤à¥à¤•ाव और उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के आधार पर किया जाता है। हमारे देश में, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकेवल 4 विशेष बोरà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग सà¥à¤•ूल हैं: मॉसà¥à¤•ो, नोवोसिबिरà¥à¤¸à¥à¤•, सेंट पीटरà¥à¤¸à¤¬à¤°à¥à¤— और येकातेरिनबरà¥à¤— में। 1963 में à¤à¤• विशेष सरकारी डिकà¥à¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¤à¥€ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ की गई थी। सà¥à¤•ूलों के शिकà¥à¤·à¤£ सà¥à¤Ÿà¤¾à¤« का गठन न केवल शिकà¥à¤·à¤•ों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया जाता है, बलà¥à¤•ि विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤°à¥‹à¤‚ और वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया जाता है।
घरेलू शिकà¥à¤·à¤• à¤à¤¨.à¤à¤¸. लेइटà¥à¤¸, à¤.à¤à¤®. मतà¥à¤¯à¥à¤¶à¥à¤•िन, वी.आई. पनोव, वी.पी. लेबेदेवा, यू.डी. बाबेवा, à¤à¤¸.डी. डेरियाबो, वी.à¤. ओरलोव, वी.à¤à¤¸. यà¥à¤°à¥à¤•ेविच, ई.à¤à¤². याकोवलेवा, वी.à¤. यासà¥à¤µà¤¿à¤¨, à¤.आई. सवेनकोव और अनà¥à¤¯ ने सामानà¥à¤¯ शिकà¥à¤·à¤¾ सà¥à¤•ूल और अतिरिकà¥à¤¤ शिकà¥à¤·à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ-उनà¥à¤®à¥à¤– और अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸-उनà¥à¤®à¥à¤– शिकà¥à¤·à¤¾ के कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के ढांचे के à¤à¥€à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की पहचान, पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ और विकास पर कई अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किà¤; विकासशील शैकà¥à¤·à¤¿à¤• पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकियां विकसित की गई हैं जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की इस शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण को बदल दिया है; शिकà¥à¤·à¤¾ का à¤à¤• नया मॉडल बनाने के लिठà¤à¤• रणनीति को परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ किया गया है जो पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• छातà¥à¤° के सरà¥à¤µà¤¾à¤‚गीण विकास को बढ़ावा देता है।
बचà¥à¤šà¥‡ की आतà¥à¤®-शिकà¥à¤·à¤¾, à¤à¥à¤•ाव (मानवीय, गणितीय, पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, संगीत, आदि), बचà¥à¤šà¥‡ की मानसिक विशेषताओं के विषय को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤, बचà¥à¤šà¥‡ के साथ à¤à¤• पाठयोजना बनाà¤à¤‚।
सबसे जटिल और à¤à¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करने वाले मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर परामरà¥à¤¶ के विषयों की पहचान करें।
विषय पर बचà¥à¤šà¥‡ की रिपोरà¥à¤Ÿ का रूप चà¥à¤¨à¥‡à¤‚ (परीकà¥à¤·à¤£, पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨, आदि) निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ अवधि के लिà¤à¥¤
बचà¥à¤šà¥‡ को पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करें: विषय का शीरà¥à¤·à¤•, विषय का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ करने की योजना, मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨, अवधारणाà¤à¤‚ और शरà¥à¤¤à¥‡à¤‚ जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उसे सीखना चाहिà¤; वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• कारà¥à¤¯, आवशà¥à¤¯à¤• साहितà¥à¤¯ की सूची, नियंतà¥à¤°à¤£ के रूप, आतà¥à¤®-परीकà¥à¤·à¤¾ के लिठकारà¥à¤¯à¥¤
कारà¥à¤¯ के परिणामों का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ करने के लिà¤, à¤à¤• तालिका बनाà¤à¤‚:
विषय;
परामरà¥à¤¶ की तिथि और समय;
विचाराधीन मà¥à¤–à¥à¤¯ मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡;
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° विषय के साथ काम करने का समय;
वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• बीता हà¥à¤† समय;
अतिरिकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ जो कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में शामिल नहीं हैं;
अनà¥à¤¤à¥à¤¤à¤°à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨;
देरी के कारण।
शिकà¥à¤·à¤• को मिलनसार और संवेदनशील होना चाहिà¤, बचà¥à¤šà¥‡ की मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• विशेषताओं को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखना चाहिà¤, उसकी रचनातà¥à¤®à¤• और उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤• सोच को पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करना चाहिà¤, चà¥à¤¨à¥‡ हà¥à¤ विषय के गहन अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के लिठपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उपरोकà¥à¤¤ सà¤à¥€ विशेषताओं को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤, शैकà¥à¤·à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को ठीक से वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ करना, à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ के वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• समरà¥à¤¥à¤¨ के लिठà¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त मारà¥à¤— विकसित करना आवशà¥à¤¯à¤• है। और इसके लिठà¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के साथ काम करने वाले शिकà¥à¤·à¤• की उचà¥à¤š पेशेवर कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
इन वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त और वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• गà¥à¤£à¥‹à¤‚ को विकसित करने के लिठशिकà¥à¤·à¤•ों की तीन तरह से मदद की जा सकती है:
पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ की मदद से - खà¥à¤¦ को और दूसरों को समà¤à¤¨à¥‡ में;
विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤“ं के सीखने, विकास और विशेषताओं के बारे में जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करना;
पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ ढंग से पढ़ाने और अनà¥à¤•ूलित कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® बनाने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• कौशल का पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£à¥¤
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ और सामानà¥à¤¯ शिकà¥à¤·à¤•ों के लिठविशेष रूप से पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ शिकà¥à¤·à¤•ों की शिकà¥à¤·à¤£ तकनीक लगà¤à¤— समान है: गतिविधियों के लिठसमय के वितरण में à¤à¤• धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने योगà¥à¤¯ अंतर है।
सामानà¥à¤¯ तौर पर, वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता इस तथà¥à¤¯ पर à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ाश डालती है कि सà¥à¤•ूल को पाठà¥à¤¯à¤ªà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ों और कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ की विशेष आवशà¥à¤¯à¤•ता है जो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त जरूरतों और हितों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हैं। कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ में पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® से परे à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को बढ़ावा देने के वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• तरीके शामिल नहीं हैं। और इसलिà¤, à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में अतिरिकà¥à¤¤ शिकà¥à¤·à¤¾ की पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ à¤à¤• महान à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है। सà¥à¤•ूल के बाहर मंडलियां, सà¥à¤Ÿà¥‚डियो, रचनातà¥à¤®à¤• कारà¥à¤¯à¤¶à¤¾à¤²à¤¾à¤à¤‚ (यहां, शायद, मà¥à¤–à¥à¤¯ à¤à¥‚मिका सांसà¥à¤•ृतिक संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ की है) उन रà¥à¤šà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को महसूस करने का अवसर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती हैं जो सà¥à¤•ूल पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के दायरे से परे हैं।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ à¤à¤• शिकà¥à¤·à¤• का काम à¤à¤• जटिल और कà¤à¥€ न खतà¥à¤® होने वाली पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। इसके लिठशिकà¥à¤·à¤•ों और शिकà¥à¤·à¤•ों से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त विकास की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, उपहार के मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ और उनकी शिकà¥à¤·à¤¾ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में अचà¥à¤›à¥‡, लगातार अदà¥à¤¯à¤¤à¤¨ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के साथ-साथ मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों, अनà¥à¤¯ शिकà¥à¤·à¤•ों, पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ और हमेशा पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ माता-पिता के साथ घनिषà¥à¤ सहयोग की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
पà¥à¤°à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ साहितà¥à¤¯ की सूची
Bogoyavlenskaya D.B., बà¥à¤°à¤¶à¤²à¤¿à¤‚सà¥à¤•ी à¤.वी., बाबेवा à¤à¤Ÿ अल। "उपहार की कारà¥à¤¯ अवधारणा", वी.डी. दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संपादित। शादà¥à¤°à¤¿à¤•ोवा, - à¤à¤®à¥¤, 2002।
बोगोयावलेंसà¥à¤•ाया, डी.बी. रचनातà¥à¤®à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं का मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥¤ / डी.बी. अहसास। - à¤à¤®à¥¤, 2002।
बोगोयावलेंसà¥à¤•ाया, à¤à¤®.ई. उपहार की "समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं" की पà¥à¤°à¤•ृति: à¤à¤• पदà¥à¤§à¤¤à¤¿à¤—त मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¿à¤•ा / इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• संसाधन। à¤à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¸ मोड: /
लेवी वी। गैर-मानक बचà¥à¤šà¥‡ - दूसरा संसà¥à¤•रण।, पूरक और संशोधित - à¤à¤®à¥¤: जà¥à¤žà¤¾à¤¨, 1988।
मतà¥à¤¯à¥à¤¶à¥à¤•िन à¤.à¤à¤®., याकोवलेवा ई.à¤à¤². उपहार के लिठशिकà¥à¤·à¤• [पाठ] / à¤.à¤à¤®. मतà¥à¤¯à¥à¤¶à¥à¤•िन, ई.à¤à¤². याकोवलेव। - à¤à¤®à¥¤, 1991।
मोलोकोव डी.à¤à¤¸. विदेशों में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ काम करने के लिठशिकà¥à¤·à¤•ों को पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ देना / इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• संसाधन। à¤à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¸ मोड:
सà¥à¤•ूल में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ (कारà¥à¤¯ अनà¥à¤à¤µ से) // "सà¥à¤•ूल में शिकà¥à¤·à¤•" नंबर 3, 2010 // इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• संसाधन। à¤à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¸ मोड:
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और सामाजिक और शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• गतिविधियों के ढांचे के à¤à¥€à¤¤à¤° उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हल करने के तरीके // इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• संसाधन। à¤à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¸ मोड: ।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और किशोरों में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ का मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ [पाठ] / à¤à¤¡à¥¤ à¤à¤¨.à¤à¤¸. लेइटà¥à¤¸, - à¤à¤®à¥¤, 1996।
यà¥à¤°à¤•ेविच वी.à¤à¤¸. उपहार में दिया गया बचà¥à¤šà¤¾: à¤à¥à¤°à¤® और वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता: शिकà¥à¤·à¤•ों और माता-पिता के लिठà¤à¤• किताब। - à¤à¤®à¥¤: "जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥‹à¤¦à¤¯", शैकà¥à¤·à¤¿à¤• साहितà¥à¤¯, 1996।
MBOU "कà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥à¤¨à¥‹à¤°à¥à¤®à¥‡à¤¯à¤¸à¥à¤•, सेराटोव कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° का माधà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ नंबर 4"
पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨
विषय पर "पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ à¤à¤• शिकà¥à¤·à¤• के काम में वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤Â»
पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के शिकà¥à¤·à¤•
खोखलोवा ई.वी.
Krasnoarmeysk 2018
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ शिकà¥à¤·à¤• के काम में वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤à¥¤
à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के बौदà¥à¤§à¤¿à¤• और रचनातà¥à¤®à¤• अà¤à¤¿à¤œà¤¾à¤¤ वरà¥à¤— के रूप में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में समाज की रà¥à¤šà¤¿ बढ़ रही है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ हो जाता है कि समाज की समृदà¥à¤§à¤¿ और कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त संसाधनों के विकास पर निरà¥à¤à¤° करता है।
बाल पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ के शोधकरà¥à¤¤à¤¾ (D.B. Bogoyavlenskaya, N.S. Leites, A.I. Savenkov और अनà¥à¤¯) à¤à¤¸à¥€ मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• और शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करना आवशà¥à¤¯à¤• मानते हैं, जिसके तहत पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के लिठउनके लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤•, बौदà¥à¤§à¤¿à¤• और रचनातà¥à¤®à¤• अवसर विकसित करना संà¤à¤µ है। रचनातà¥à¤®à¤• गतिविधि में आतà¥à¤®-साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार और पेशेवर गतिविधि में आतà¥à¤®-साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार।
आधà¥à¤¨à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ शिकà¥à¤·à¤¾ के मà¥à¤–à¥à¤¯ विषय के रूप में छातà¥à¤° के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ की मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ को अपना पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• लकà¥à¤·à¥à¤¯ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करती है। यह लकà¥à¤·à¥à¤¯ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤£ तब पà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤‚गिक होता है जब पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की बात आती है, जो समाज के लिठविशेष महतà¥à¤µ रखते हैं।
आधà¥à¤¨à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ के विकास के शोधकरà¥à¤¤à¤¾ बी.à¤à¤®. बिम-बैड, बी.à¤à¤¸. गेरà¥à¤¶à¥à¤¨à¥à¤¸à¥à¤•ी, वी.आई. ज़ागà¥à¤µà¥à¤¯à¤¾à¤œà¤¼à¤¿à¤‚सà¥à¤•ी, वी.à¤. काराकोवसà¥à¤•ी, à¤à¤®.à¤à¤®. पोटाशनिक और अनà¥à¤¯ का ठीक ही मानना ​​​​है कि सà¥à¤•ूल, शिकà¥à¤·à¤• अब दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के साथ सदà¥à¤à¤¾à¤µ में à¤à¤• अà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ नैतिक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ के पालन-पोषण की समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना करते हैं। सà¥à¤µà¤¯à¤‚। इसके अलावा, मानव मन पर पृथà¥à¤µà¥€ पर जीवन के असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ की निरà¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ अधिक से अधिक सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होती जा रही है।
सामानà¥à¤¯ तौर पर, यह तरà¥à¤• दिया जा सकता है कि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की शिकà¥à¤·à¤¾, विकास और पालन-पोषण के मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ आधà¥à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤•ूल के लिठविशेष महतà¥à¤µ रखते हैं। आज, à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पढ़ाने की समसà¥à¤¯à¤¾ तेजी से बदलती दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की नई परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और आवशà¥à¤¯à¤•ताओं से सीधे संबंधित है, जिसने गतिविधि के à¤à¤• विशेष कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं वाले लोगों के लिठलकà¥à¤·à¤¿à¤¤ शिकà¥à¤·à¤¾ के आयोजन के विचार को जनà¥à¤® दिया।
विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन के निरà¥à¤£à¤¯ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को किशोर अपराधी, शराबियों के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ "जोखिम समूह" में शामिल किया गया है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ विशेष वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚, विशेष रूप से पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ शिकà¥à¤·à¤•ों, विशेष सà¥à¤•ूलों (सà¥à¤•ूल जहां वे जानते हैं और à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ की विशेषताओं और समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हैं, जहां वह अपने à¤à¥à¤•ाव और कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° विकसित होगा) की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
उपहार को तीन विशेषताओं के विशेष संयोजन के रूप में माना जा सकता है:
à¤à¤•ीकृत वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ: जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¤¾ (संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• आवशà¥à¤¯à¤•ता) - बचà¥à¤šà¥‡ को जितना अधिक उपहार दिया जाता है, नà¤, अजà¥à¤žà¤¾à¤¤ को जानने की उसकी इचà¥à¤›à¤¾ उतनी ही अधिक सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होती है, और यह कई पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ पूछने की निरंतर इचà¥à¤›à¤¾ में नई जानकारी, नठजà¥à¤žà¤¾à¤¨ की खोज में पà¥à¤°à¤•ट होता है। , निरà¥à¤µà¤¿à¤µà¤¾à¤¦ अनà¥à¤¸à¤‚धान में, रचनातà¥à¤®à¤• गतिविधि (खिलौने को अलग करने की इचà¥à¤›à¤¾, जानवरों के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° का पता लगाना); समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अतिसंवेदनशीलता - à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ को देखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ जहां दूसरों को कà¥à¤› à¤à¥€ असामानà¥à¤¯ नहीं दिखता - यह à¤à¤• रचनातà¥à¤®à¤• विचारक की à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ विशेषता है। पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥‹ ने à¤à¥€ कहा था कि जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ से होती है जो सामानà¥à¤¯ है।
मानसिक विकास के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की विशेषताà¤à¤‚: सोच की मौलिकता - नà¤, अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¿à¤¤ विचारों को सामने रखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ जो वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• रूप से जà¥à¤žà¤¾à¤¤, आम तौर पर सà¥à¤µà¥€à¤•ृत लोगों से à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होती हैं। यह बचà¥à¤šà¥‡ की सोच और वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में, साथियों और वयसà¥à¤•ों के साथ संचार में, उसकी सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की गतिविधियों में पà¥à¤°à¤•ट होता है (चितà¥à¤°à¥‹à¤‚, निबंधों, कहानियों, डिजाइन की सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ की पà¥à¤°à¤•ृति और विषय में सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤); सोच का लचीलापन - à¤à¤• वरà¥à¤— की घटनाओं से दूसरे वरà¥à¤— में जलà¥à¤¦à¥€ और आसानी से सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾, अकà¥à¤¸à¤° सामगà¥à¤°à¥€ में दूर।
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त विकास के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की विशेषताà¤à¤‚: कारà¥à¤¯ की सामगà¥à¤°à¥€ के लिठउतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ उपहार की पà¥à¤°à¤®à¥à¤– विशेषता है। गतिविधि तब कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं को विकसित करने के à¤à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ साधन के रूप में कारà¥à¤¯ करती है जब यह करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ से नहीं, इनाम पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने की इचà¥à¤›à¤¾ से नहीं, बलà¥à¤•ि सबसे पहले, सामगà¥à¤°à¥€ में रà¥à¤šà¤¿ से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ होती है। बचà¥à¤šà¥‡ की गतिविधियों और वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में पà¥à¤°à¤•ट; गैर-अनà¥à¤°à¥‚पता - हर कीमत पर बहà¥à¤®à¤¤ की राय का विरोध करने की इचà¥à¤›à¤¾, इसकी सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ और सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ की विशेषता है। यह अपने सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण का बचाव करने की ततà¥à¤ªà¤°à¤¤à¤¾ में पà¥à¤°à¤•ट होता है, à¤à¤²à¥‡ ही यह बहà¥à¤®à¤¤ की राय का खंडन करता हो, पारंपरिक रूप से कारà¥à¤¯ करने और कारà¥à¤¯ करने की इचà¥à¤›à¤¾ में, मूल तरीके से नहीं; नेतृतà¥à¤µ - पारसà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤• संबंधों में पà¥à¤°à¤à¥à¤¤à¥à¤µà¥¤ इन विशेषताओं को आसानी से देखा जा सकता है और शिकà¥à¤·à¤• को इन पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤à¥¤
सà¥à¤•ूली बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ के शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं का अनà¥à¤¸à¤°à¤£ करते हà¥à¤, हम सà¥à¤•ूल में à¤à¤¸à¥‡ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के तीन समूहों को अलग करते हैं।
बौदà¥à¤§à¤¿à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं के विकास के उचà¥à¤š सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤° वाले सà¥à¤•ूली बचà¥à¤šà¥‡, सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से औसत सà¥à¤¤à¤° से ऊपर; लकà¥à¤·à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने में रचनातà¥à¤®à¤•ता और दृढ़ता। इन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ की अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• विकसित à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ और बहà¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त मूलà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ है।
जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में विशेष मानसिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ वाले सà¥à¤•ूली बचà¥à¤šà¥‡, किसी विशेष पà¥à¤°à¤•ार की गतिविधि में संलगà¥à¤¨ होने की पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता के साथ, लेकिन दूसरों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं की गैर-मौखिक अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठअतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• संवेदनशीलता के साथ, अकà¥à¤¸à¤° असामाजिक वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के साथ।
सà¥à¤•ूली बचà¥à¤šà¥‡ जो, किसी कारण से, सीखने में सफलता पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं करते हैं, लेकिन उजà¥à¤œà¥à¤µà¤² संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• गतिविधि, मानसिक मेकअप की मौलिकता, उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ मानसिक à¤à¤‚डार, रचनातà¥à¤®à¤•ता, सोच की उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤•ता, नेतृतà¥à¤µ करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ रखते हैं।
मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• और शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• विचार के विकास के वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ चरण में उपहार को à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का विचलन माना जा सकता है, अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ कई मामलों में विचलन के वाहक पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ होते हैं, जो उनके साथ काम करते समय कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा करता है।
आइठबचà¥à¤šà¥‡ की सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ और मूल विकासशील वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ के निसà¥à¤¸à¤‚देह वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ सकारातà¥à¤®à¤• गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के विपरीत पकà¥à¤· होने के कारण कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ कà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर विचार करें।
वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में मौजूद समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का पहला समूह à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के नकारातà¥à¤®à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ-वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° संबंधी पहलà¥à¤“ं से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है, जिनमें से निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जा सकता है: अहंकारवाद और किसी अनà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण को लेने में असमरà¥à¤¥à¤¤à¤¾, खासकर यदि वह बौदà¥à¤§à¤¿à¤• रूप से कमजोर है, नापसंद है सà¥à¤•ूल के लिà¤, यदि पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® उबाऊ और निरà¥à¤¬à¤¾à¤§ है, साथियों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में शारीरिक विकास में पिछड़ रहा है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ बौदà¥à¤§à¤¿à¤• गतिविधियों को पसंद करता है, संवाद की संसà¥à¤•ृति की कमी और वारà¥à¤¤à¤¾à¤•ार के विचार को पूरा करने की इचà¥à¤›à¤¾, पहले शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ से ही वह समसà¥à¤¯à¤¾ के सार को समà¤à¤¤à¤¾ है, बातचीत के दौरान वारà¥à¤¤à¤¾à¤•ार को बाधित करने और सही करने की इचà¥à¤›à¤¾ अगर वह तारà¥à¤•िक तà¥à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ करता है या गलत है तो शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर जोर देता है, अनà¥à¤°à¥‚पता और कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ की कमी के कारण तरà¥à¤• में हमेशा सही होने की इचà¥à¤›à¤¾ समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ करने के लिà¤, साथियों को आजà¥à¤žà¤¾ देने की इचà¥à¤›à¤¾ - अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ वह उनसे ऊब जाता है।
ये समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚, या, दूसरे शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में, à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के अनाकरà¥à¤·à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ लकà¥à¤·à¤£, सामाजिक-मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• कठिनाइयों का à¤à¤• जटिल हिसà¥à¤¸à¤¾ बनाते हैं, जिससे शिकà¥à¤·à¤• के लिठà¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ के साथ काम करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है, जिससे अकà¥à¤¸à¤° कà¥à¤¤à¥à¤¸à¤¿à¤¤ लकà¥à¤·à¤£ होते हैं। सामाजिक-मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•, संचार कठिनाइयों को निमà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° टाइप किया जा सकता है।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की सामाजिक-मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ शिकà¥à¤·à¤•ों और सà¥à¤•ूल मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों के लिठअचà¥à¤›à¥€ तरह से जà¥à¤žà¤¾à¤¤ कà¥à¤¤à¥à¤¸à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के रूप में पà¥à¤°à¤•ट होती हैं, जैसे, उदाहरण के लिà¤, सहयोगी और आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤•। अपने पà¥à¤°à¤¤à¤¿ विकसित हà¥à¤ साथियों और वयसà¥à¤•ों के बीच संबंधों के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के खिलाफ बचà¥à¤šà¥‡ का विरोध, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से असंतोष, उसकी महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ जरूरतों का लंबे समय तक दमन - गतिविधि में, उसकी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं का पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨, नेतृतà¥à¤µ, आदि - पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¤•ारी असामाजिकता का रूप ले सकता है, वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में रकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤•ता। à¤à¤¸à¤¾ बचà¥à¤šà¤¾ दूसरों के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ और आकलन के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपमानजनक, हिंसक और निरà¥à¤¦à¤¯à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करता है, खà¥à¤¦ को गैर-मानक, यहां तक ​​​​कि सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से असामाजिक कृतà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ देता है: चीजों को खराब करता है, कसम खाता है, à¤à¤—ड़ा करता है, आदि।
अकà¥à¤¸à¤° सà¥à¤•ूल अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ में, à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ की विपरीत सामाजिक-मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को उसकी पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और जरूरतों के दमन की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ पाया जा सकता है: खà¥à¤¦ में वापसी, उसकी कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾à¤“ं और सपनों की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में, उदासीनता, सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€, अरà¥à¤šà¤¿ संपरà¥à¤•ों में। अवसादगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¤•ारी विशेषताओं को ले सकता है।
इस तरह के सामाजिक-मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के गंà¤à¥€à¤° कारणों में से à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ के ततà¥à¤•ाल सामाजिक वातावरण, उसकी महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• जरूरतों से दीरà¥à¤˜à¤•ालिक अà¤à¤¾à¤µ (दमन, असंतोष) है।
सामाजिक-मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का à¤à¤• अनà¥à¤¯ कारण बचà¥à¤šà¥‡ में संचार के साधनों के गठन की कमी है। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इसका अनà¥à¤à¤µ होने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है। इसकी उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ अकà¥à¤¸à¤° बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पूरà¥à¤µà¤¸à¥à¤•ूली अतीत में होती है, उस विशेष बखà¥à¤¶à¤¤à¥‡ वातावरण में जो पà¥à¤¯à¤¾à¤° करने वाले माता-पिता ने उनके लिठबनाया है।
समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में से à¤à¤• यह है कि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के विकास और शिकà¥à¤·à¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•ता और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ काम करने के लिठशिकà¥à¤·à¤•ों के अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सैदà¥à¤§à¤¾à¤‚तिक और वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ के बीच विरोधाà¤à¤¾à¤¸ अधिक से अधिक वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• होता जा रहा है। इस विरोधाà¤à¤¾à¤¸ के आधार पर, à¤à¤• सामानà¥à¤¯ शिकà¥à¤·à¤¾ सà¥à¤•ूल में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के विकास और शिकà¥à¤·à¤¾ के लिठमनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• और शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है।
उपरोकà¥à¤¤ सà¤à¥€ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤, हम पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के कà¥à¤°à¥‚पता की सबसे सामानà¥à¤¯ विशेषताओं पर पà¥à¤°à¤•ाश डालते हैं। इस:
समान विचारधारा वाले मितà¥à¤° खोजने में कठिनाइयाà¤;
खेल और साथियों के मनोरंजन में à¤à¤¾à¤—ीदारी की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚;
अनà¥à¤°à¥‚पता की समसà¥à¤¯à¤¾, अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥à¥¤ दूसरों के अनà¥à¤•ूल होने की कोशिश करना, हर किसी की तरह दिखना, किसी के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ की असà¥à¤µà¥€à¤•ृति;
बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤‚ड और à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• रà¥à¤šà¤¿;
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ के नà¥à¤•सान के कारण के रूप में विकासातà¥à¤®à¤• डिससिंकà¥à¤°à¥‹à¤®à¤¿à¤¯à¤¾à¥¤
जो कà¥à¤› कहा गया है, उससे यह आà¤à¤¾à¤¸ हो सकता है कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ à¤à¤• असामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है और यह हमेशा विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की कठिनाइयों के साथ होती है। यह सच नहीं है। à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ है जो अलग तरह से विकसित होता है, उसे रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ मानदंडों में बदलाव की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, अनà¥à¤¯ पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®, जो इस शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ के छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के साथ काम करते समय मà¥à¤–à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की सामगà¥à¤°à¥€ है।
à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ को समय पर "नोटिस" करना विशेष रूप से कठिन है। à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समय पर à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ को "पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€" या "उपहार नहीं" के रूप में पहचानने का अरà¥à¤¥ है उसके à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ में कृतà¥à¤°à¤¿à¤® रूप से हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª करना, उसकी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤ªà¤°à¤• अपेकà¥à¤·à¤¾à¤“ं को पहले से निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करना। यह याद रखना चाहिठकि विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ को कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किया जा सकता है। बचà¥à¤šà¥‡ के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° की विशेषताओं का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ करते हà¥à¤, शिकà¥à¤·à¤• को यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठकि à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ हैं जिनकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ अà¤à¥€ तक वे नहीं देख पाठहैं। यह à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि बचपन में दिखाई देने वाले उपहार के लकà¥à¤·à¤£, यहां तक ​​​​कि सबसे अनà¥à¤•ूल परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€, धीरे-धीरे गायब हो सकते हैं। बाल मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में, "पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ का लà¥à¤ªà¥à¤¤ होना" शबà¥à¤¦ है, लà¥à¤ªà¥à¤¤ होती विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारणों से हो सकती है। उनमें से à¤à¤• उपहार की संरचना में रचनातà¥à¤®à¤• घटक की अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है। à¤à¤• अनà¥à¤¯ संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कारण बाहरी परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बदलाव से संबंधित है जिसके लिठबचà¥à¤šà¥‡ को समय पर तैयार नहीं किया गया था। अकà¥à¤¸à¤° यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के आगे के विकास की जरूरतों और तथाकथित मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ वरà¥à¤— में शिकà¥à¤·à¤¾ और पालन-पोषण की शरà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बीच à¤à¤• विसंगति के कारण होता है। यदि माता-पिता और शिकà¥à¤·à¤•ों की ओर से कोई परोपकारी विकासातà¥à¤®à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण नहीं है, तो सà¥à¤•ूल, शिकà¥à¤·à¤¾ की अपनी समतल पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के साथ, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं के विकास में हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª करता है। यदि बचà¥à¤šà¥‡ को सीखने के कौशल विकसित करने में मदद नहीं की जाती है, तो "लà¥à¤ªà¥à¤¤ होने" की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक हो जाती है, जो कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को जनà¥à¤® देती है, जिनमें से हैं: सà¥à¤•ूल के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अरà¥à¤šà¤¿, शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ में कमी, अवासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• लकà¥à¤·à¥à¤¯, असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾, आदि। .
हालाà¤à¤•ि, यदि सà¤à¥€ सामानà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के संबंध में - जब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सीखने, वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°, संचार में कठिनाइयाठहोती हैं - शिकà¥à¤·à¤•, मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• और माता-पिता उनके कारणों की पहचान करके उनकी मदद करने और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ठीक करने के तरीकों की तलाश कर रहे हैं, तो सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ मौलिक रूप से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ के साथ अलग है .
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ काम करने के लिठपà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होने के लिà¤, इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को जनà¥à¤® देने वाले वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• तंतà¥à¤° का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ और पहचान करना आवशà¥à¤¯à¤• है, और यह समà¤à¤¨à¥‡ के लिठकि उपहार केवल à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ की उचà¥à¤š कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं का परिणाम नहीं है, बलà¥à¤•ि सबसे पहले यह à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है। उनके वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के संबंध में।
बाल पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ की घटना के साथ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°, संचार और सीखने की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के पीछे विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारक हैं। यह इसका परिणाम हो सकता है: ओटोजेनेटिक विकास में विकार - कà¥à¤› आनà¥à¤µà¤‚शिक कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ के पारित होने में देरी या उलटा (अनà¥à¤•à¥à¤°à¤® का उलà¥à¤²à¤‚घन), उचà¥à¤š मानसिक कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ (à¤à¤šà¤à¤®à¤à¤«) के विकास में कारà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• अपरिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾, साथ ही उमà¥à¤° के चरणों के माधà¥à¤¯à¤® से अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ जीवन और विकृत संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾à¥¤
सामानà¥à¤¯ तौर पर, à¤à¤• औसत सà¥à¤•ूल में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ काम करने में मà¥à¤–à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤ निमà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° तैयार की जा सकती हैं:
गिफà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡à¤¨à¥‡à¤¸ का निदान करने में विफलता
कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ साहितà¥à¤¯ का अà¤à¤¾à¤µ
à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ काम करने के लिठसमय की कमी
उचà¥à¤š छातà¥à¤° कारà¥à¤¯à¤à¤¾à¤°
विषय में जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के विसà¥à¤¤à¤¾à¤° के मूलà¥à¤¯ के बारे में छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गलतफहमी
सà¤à¥€ पहचानी गई समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को गैर-मानक, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के साथ काम करने के लिठकारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ के विकास की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। इस संबंध में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित बिंदà¥à¤“ं पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जा सकता है। रूस में आधà¥à¤¨à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ काम करने के लिठपà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ शिकà¥à¤·à¤•ों की सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कमी का अनà¥à¤à¤µ कर रही है। शिकà¥à¤·à¤•ों के पेशेवर पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ का विषय अà¤à¤¿à¤µà¤¿à¤¨à¥à¤¯à¤¾à¤¸, विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ में मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• और शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• विषयों के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के लिठआवंटित घंटों की मातà¥à¤°à¤¾ में कमी, निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से, à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के शिकà¥à¤·à¤•ों में शैकà¥à¤·à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को सकà¥à¤·à¤® रूप से अलग करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के गठन में योगदान नहीं करते हैं। और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के विकास के लिठवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त योजनाà¤à¤ बनाना। साथ ही, उपहार के समरà¥à¤¥à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ का समाधान देश की बौदà¥à¤§à¤¿à¤• और रचनातà¥à¤®à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ के साथ जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है।
1960 के दशक से, हमारे देश में विशेष ककà¥à¤·à¤¾à¤à¤‚ और सà¥à¤•ूल हैं, जहां बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का चयन उनके à¤à¥à¤•ाव और उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के आधार पर किया जाता है। हमारे देश में, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकेवल 4 विशेष बोरà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग सà¥à¤•ूल हैं: मॉसà¥à¤•ो, नोवोसिबिरà¥à¤¸à¥à¤•, सेंट पीटरà¥à¤¸à¤¬à¤°à¥à¤— और येकातेरिनबरà¥à¤— में। 1963 में à¤à¤• विशेष सरकारी डिकà¥à¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¤à¥€ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ की गई थी। सà¥à¤•ूलों के शिकà¥à¤·à¤£ सà¥à¤Ÿà¤¾à¤« का गठन न केवल शिकà¥à¤·à¤•ों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया जाता है, बलà¥à¤•ि विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤°à¥‹à¤‚ और वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¥€ किया जाता है।
घरेलू शिकà¥à¤·à¤• à¤à¤¨.à¤à¤¸. लेइटà¥à¤¸, à¤.à¤à¤®. मतà¥à¤¯à¥à¤¶à¥à¤•िन, वी.आई. पनोव, वी.पी. लेबेदेवा, यू.डी. बाबेवा, à¤à¤¸.डी. डेरियाबो, वी.à¤. ओरलोव, वी.à¤à¤¸. यà¥à¤°à¥à¤•ेविच, ई.à¤à¤². याकोवलेवा, वी.à¤. यासà¥à¤µà¤¿à¤¨, à¤.आई. सवेनकोव और अनà¥à¤¯ ने सामानà¥à¤¯ शिकà¥à¤·à¤¾ सà¥à¤•ूल और अतिरिकà¥à¤¤ शिकà¥à¤·à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ-उनà¥à¤®à¥à¤– और अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸-उनà¥à¤®à¥à¤– शिकà¥à¤·à¤¾ के कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के ढांचे के à¤à¥€à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की पहचान, पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ और विकास पर कई अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किà¤; विकासशील शैकà¥à¤·à¤¿à¤• पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकियां विकसित की गई हैं जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की इस शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण को बदल दिया है; शिकà¥à¤·à¤¾ का à¤à¤• नया मॉडल बनाने के लिठà¤à¤• रणनीति को परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ किया गया है जो पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• छातà¥à¤° के सरà¥à¤µà¤¾à¤‚गीण विकास को बढ़ावा देता है।
1. बचà¥à¤šà¥‡ की आतà¥à¤®-शिकà¥à¤·à¤¾, à¤à¥à¤•ाव (मानवीय, गणितीय, पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, संगीत, आदि), बचà¥à¤šà¥‡ की मानसिक विशेषताओं के विषय को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤, बचà¥à¤šà¥‡ के साथ à¤à¤• पाठयोजना तैयार करें।
2. सबसे जटिल और à¤à¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करने वाले मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर परामरà¥à¤¶ के विषय निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करें।
3. निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ अवधि के लिठविषय (परीकà¥à¤·à¤£, पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨, आदि) पर बचà¥à¤šà¥‡ की रिपोरà¥à¤Ÿ के रूप का चयन करें।
4. बचà¥à¤šà¥‡ को पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करें: विषय का शीरà¥à¤·à¤•, विषय का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ करने की योजना, मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨, अवधारणाà¤à¤‚ और शरà¥à¤¤à¥‡à¤‚ जो उसे सीखनी चाहिà¤; वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• कारà¥à¤¯, आवशà¥à¤¯à¤• साहितà¥à¤¯ की सूची, नियंतà¥à¤°à¤£ के रूप, आतà¥à¤®-परीकà¥à¤·à¤¾ के लिठकारà¥à¤¯à¥¤
5. कारà¥à¤¯ के परिणामों का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ करने के लिà¤, à¤à¤• तालिका बनाà¤à¤‚:
परामरà¥à¤¶ की तिथि और समय
विचाराधीन मà¥à¤–à¥à¤¯ मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° विषय के साथ काम करने का समय
वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• बीता हà¥à¤† समय
अतिरिकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कवर नहीं किठगà¤
बकाया पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨
देरी के कारण।
6. शिकà¥à¤·à¤• को मितà¥à¤°à¤µà¤¤ और संवेदनशील होना चाहिà¤, बचà¥à¤šà¥‡ की मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• विशेषताओं को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखना चाहिà¤, उसकी रचनातà¥à¤®à¤• और उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤• सोच को पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करना चाहिà¤, चà¥à¤¨à¥‡ हà¥à¤ विषय के गहन अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के लिठपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उपरोकà¥à¤¤ सà¤à¥€ विशेषताओं को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤, शैकà¥à¤·à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को ठीक से वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ करना, à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ के वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• समरà¥à¤¥à¤¨ के लिठà¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त मारà¥à¤— विकसित करना आवशà¥à¤¯à¤• है। और इसके लिठà¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के साथ काम करने वाले शिकà¥à¤·à¤• की उचà¥à¤š पेशेवर कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
इन वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त और वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• गà¥à¤£à¥‹à¤‚ को विकसित करने के लिठशिकà¥à¤·à¤•ों की तीन तरह से मदद की जा सकती है:
1) पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ की मदद से - खà¥à¤¦ को और दूसरों को समà¤à¤¨à¥‡ में;
2) विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤“ं के सीखने, विकास और विशेषताओं के बारे में जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करना;
3) पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ ढंग से पढ़ाने और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® बनाने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• कौशल का पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£à¥¤
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ और सामानà¥à¤¯ शिकà¥à¤·à¤•ों के लिठविशेष रूप से पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ शिकà¥à¤·à¤•ों की शिकà¥à¤·à¤£ तकनीक लगà¤à¤— समान है: गतिविधियों के लिठसमय के वितरण में à¤à¤• धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने योगà¥à¤¯ अंतर है।
सामानà¥à¤¯ तौर पर, वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता इस तथà¥à¤¯ पर à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ाश डालती है कि सà¥à¤•ूल को पाठà¥à¤¯à¤ªà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ों और कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ की विशेष आवशà¥à¤¯à¤•ता है जो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त जरूरतों और हितों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हैं। कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ में पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® से परे à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को बढ़ावा देने के वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• तरीके शामिल नहीं हैं। और इसलिà¤, à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में अतिरिकà¥à¤¤ शिकà¥à¤·à¤¾ की पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ à¤à¤• महान à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है। सà¥à¤•ूल के बाहर मंडलियां, सà¥à¤Ÿà¥‚डियो, रचनातà¥à¤®à¤• कारà¥à¤¯à¤¶à¤¾à¤²à¤¾à¤à¤‚ (यहां, शायद, मà¥à¤–à¥à¤¯ à¤à¥‚मिका सांसà¥à¤•ृतिक संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ की है) उन रà¥à¤šà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को महसूस करने का अवसर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती हैं जो सà¥à¤•ूल पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के दायरे से परे हैं।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ à¤à¤• शिकà¥à¤·à¤• का काम à¤à¤• जटिल और कà¤à¥€ न खतà¥à¤® होने वाली पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। इसके लिठशिकà¥à¤·à¤•ों और शिकà¥à¤·à¤•ों से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त विकास की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, उपहार के मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ और उनकी शिकà¥à¤·à¤¾ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में अचà¥à¤›à¥‡, लगातार अदà¥à¤¯à¤¤à¤¨ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के साथ-साथ मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों, अनà¥à¤¯ शिकà¥à¤·à¤•ों, पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ और हमेशा पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ माता-पिता के साथ घनिषà¥à¤ सहयोग की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
पà¥à¤°à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ साहितà¥à¤¯ की सूची
Bogoyavlenskaya D.B., बà¥à¤°à¤¶à¤²à¤¿à¤‚सà¥à¤•ी à¤.वी., बाबेवा à¤à¤Ÿ अल। "उपहार की कारà¥à¤¯ अवधारणा", वी.डी. दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संपादित। शादà¥à¤°à¤¿à¤•ोवा, - à¤à¤®à¥¤, 2002।
बोगोयावलेंसà¥à¤•ाया, डी.बी. रचनातà¥à¤®à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं का मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥¤ / डी.बी. अहसास। - à¤à¤®à¥¤, 2002।
बोगोयावलेंसà¥à¤•ाया, à¤à¤®.ई. उपहार की "समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं" की पà¥à¤°à¤•ृति: à¤à¤• पदà¥à¤§à¤¤à¤¿à¤—त मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¿à¤•ा / इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• संसाधन। à¤à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¸ मोड: /
लेविन वी। गैर-मानक बचà¥à¤šà¥‡ - दूसरा संसà¥à¤•रण।, पूरक और संशोधित - à¤à¤®à¥¤: जà¥à¤žà¤¾à¤¨, 1988।
मतà¥à¤¯à¥à¤¶à¥à¤•िन à¤.à¤à¤®., याकोवलेवा ई.à¤à¤². उपहार के लिठशिकà¥à¤·à¤• [पाठ] / à¤.à¤à¤®. मतà¥à¤¯à¥à¤¶à¥à¤•िन, ई.à¤à¤². याकोवलेव। - à¤à¤®à¥¤, 1991।
मोलोकोव डी.à¤à¤¸. विदेशों में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ काम करने के लिठशिकà¥à¤·à¤•ों को पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ देना / इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• संसाधन। à¤à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¸ मोड:
सà¥à¤•ूल में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ (कारà¥à¤¯ अनà¥à¤à¤µ से) // "सà¥à¤•ूल में शिकà¥à¤·à¤•" नंबर 3, 2010 // इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• संसाधन। à¤à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¸ मोड:
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और सामाजिक और शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• गतिविधियों के ढांचे के à¤à¥€à¤¤à¤° उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हल करने के तरीके // इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• संसाधन। à¤à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¸ मोड: ।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और किशोरों में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ का मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ [पाठ] / à¤à¤¡à¥¤ à¤à¤¨.à¤à¤¸. लेइटà¥à¤¸, - à¤à¤®à¥¤, 1996।
यà¥à¤°à¤•ेविच वी.à¤à¤¸. उपहार में दिया गया बचà¥à¤šà¤¾: à¤à¥à¤°à¤® और वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता: शिकà¥à¤·à¤•ों और माता-पिता के लिठà¤à¤• किताब। - à¤à¤®à¥¤: "जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥‹à¤¦à¤¯", शैकà¥à¤·à¤¿à¤• साहितà¥à¤¯, 1996।
डीओआई: 10.15643/लिबरà¥à¤Ÿà¤¸-2016.5.5
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पढ़ाने की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और माधà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में दोहरी विशिषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ की घटना
ई. आई. निकोलेवा*12, à¤à¤¸.à¤. बà¥à¤°à¥à¤•ोवाब, और à¤à¤¨.बी. काज़नाचेवा
1 सेंट पीटरà¥à¤¸à¤¬à¤°à¥à¤— सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ ऑफ़ रेलवे
समà¥à¤°à¤¾à¤Ÿ अलेकà¥à¤œà¥‡à¤‚डर I रूस के संदेश, 190031 सेंट पीटरà¥à¤¸à¤¬à¤°à¥à¤—, मोसà¥à¤•ोवसà¥à¤•ी पीआर।, 9।
2 रूसी राजà¥à¤¯ शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ का नाम के नाम पर रखा गया à¤à¥¤ आई। हरà¥à¤œà¤¼à¥‡à¤¨ रूस, 191186 सेंट पीटरà¥à¤¸à¤¬à¤°à¥à¤—, मोइका नदी का तटबंध, 48।
*ईमेल: klemtina@yandex.ru
पेपर डबल à¤à¤•à¥à¤¸à¤•à¥à¤²à¥‚सिविटी की घटना पर चरà¥à¤šà¤¾ करता है, जिसमें यह तथà¥à¤¯ शामिल है कि à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ में à¤à¤• साथ उपहार की विशेषताà¤à¤‚ और à¤à¤• बीमारी है जो सीखने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को खराब करती है। à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ को पढ़ाने के लिठà¤à¤• ओर शिकà¥à¤·à¤• की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, à¤à¤• विशेष कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ विकसित करने के लिà¤, और दूसरी ओर, सीखने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को जटिल बनाने वाली विशेषताओं को ठीक करने के लिà¤à¥¤ इस समूह में अकà¥à¤¸à¤° बाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‡, अटेंशन डेफिसिट हाइपरà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ डिसऑरà¥à¤¡à¤° वाले बचà¥à¤šà¥‡ शामिल होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के समरà¥à¤¥à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ पर चरà¥à¤šà¤¾ की जाती है।
कीवरà¥à¤¡: डबल à¤à¤•à¥à¤¸à¤•à¥à¤²à¥‚सिविटी, ऑटिजà¥à¤®, लेफà¥à¤Ÿ-हैंडेडनेस, अटेंशन डेफिसिट हाइपरà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ डिसऑरà¥à¤¡à¤°à¥¤
à¤à¤• आधà¥à¤¨à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤• के काम की विशिषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ यह है कि किसी à¤à¥€ ककà¥à¤·à¤¾ में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बचà¥à¤šà¥‡ और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों, à¤à¤• ओर, à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ डिगà¥à¤°à¥€ के उपहार के साथ, दूसरी ओर, कà¥à¤› विकासातà¥à¤®à¤• विशेषताà¤à¤‚ हैं जो सीखने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में बाधा डालती हैं, अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ कर सकती हैं। इस घटना को वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में दोहरी विशिषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ घटना के रूप में जाना जाता है।
बेशक, ककà¥à¤·à¤¾ में हमेशा दैहिक रोगों वाले बचà¥à¤šà¥‡ होते हैं, जैसे मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ या हृदय पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚। उनकी उचित देखà¤à¤¾à¤² से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से कोई बड़ा अंतर नहीं होगा। हमारे लिà¤, जिन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कà¥à¤› मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• विशेषताà¤à¤‚ हैं, वे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हैं, जो à¤à¤• तरफ, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ की ओर ले जाते हैं, दूसरी ओर, सीखने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को काफी जटिल करते हैं।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अकà¥à¤¸à¤° वाकॠविकार, अटेंशन डेफिसिट हाइपरà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ डिसऑरà¥à¤¡à¤° (à¤à¤¡à¥€à¤à¤šà¤¡à¥€), ऑटिजà¥à¤® सà¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® से संबंधित बीमारियों, माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨ के कारण बाà¤à¤‚ हाथ और सीखने में कठिनाई होती है। कà¥à¤› अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, 20 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ हो सकते हैं, यानी हर पाà¤à¤šà¤µà¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को सीखने में कठिनाई हो सकती है, जो उसके वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° की ख़ासियत के कारण होता है। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की कà¥à¤² संखà¥à¤¯à¤¾ की कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ नहीं की जा सकती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• रूप से उपहारों का आकलन करने के लिठउपयोग की जाने वाली विधियों पर निरà¥à¤à¤° है।
शबà¥à¤¦ "दो बार असाधारण" आमतौर पर सीखने की अकà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ वाले पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वरà¥à¤£à¤¨ करने के लिठउपयोग किया जाता है। कà¥à¤› औसत संकेतकों के संबंध में इन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के कà¥à¤› फायदे हैं, और कमजोरियां जो सीखने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ रूप से जटिल बनाती हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सीखने की कठिनाइयों के समà¤à¤¨à¥‡ योगà¥à¤¯ कारणों के साथ मकà¥à¤–ी पर या विकासातà¥à¤®à¤• समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के रूप में उपहार के रूप में नहीं पढ़ाया जा सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤• ओर, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सीखने की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को ठीक करने के लिà¤, दूसरी ओर, अपनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ को विकसित करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। .
गिफà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡à¤¨à¥‡à¤¸ मानस का à¤à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ गà¥à¤£ है जो जीवन à¤à¤° विकसित होता है, जो अनà¥à¤¯ लोगों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में à¤à¤• या à¤à¤• से अधिक पà¥à¤°à¤•ार की गतिविधि में उचà¥à¤š (असामानà¥à¤¯, उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ) परिणाम पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करता है। साथ ही, "उपहार" नाम में यह समठशामिल है कि यह à¤à¤• उपहार है जिसे परिणाम में बदला जा सकता है, लेकिन दावा नहीं किया जा सकता है और अवासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• रह सकता है।
गिफà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡à¤¨à¥‡à¤¸ को बौदà¥à¤§à¤¿à¤• (बौदà¥à¤§à¤¿à¤• उपहार) या रचनातà¥à¤®à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं (रचनातà¥à¤®à¤• उपहार) के उचà¥à¤š विकास के साथ जोड़ा जा सकता है; सà¥à¤•ूल में अचà¥à¤›à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करने वाले बचà¥à¤šà¥‡ (अकादमिक उपहार)। इसलिà¤, जब वे गिफà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡à¤¨à¥‡à¤¸ शबà¥à¤¦ का उपयोग करते हैं, तो उनका मतलब विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं की अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से होता है (इस बात पर जोर दिठबिना कि बचà¥à¤šà¥‡ को किस विशेष कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में उपहार दिया गया है), जबकि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ का उपयोग संकीरà¥à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं का वरà¥à¤£à¤¨ करने के लिठकिया जाता है।
सीखने की कठिनाइयों को बचà¥à¤šà¥‡ के कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ सà¥à¤¤à¤° और सà¥à¤•ूल के परिणामों के बीच à¤à¤• विसंगति के रूप में परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ किया जाता है। इन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤à¤‚ होती हैं, लेकिन उनके पास वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° या धारणा और सूचना के पà¥à¤°à¤¸à¤‚सà¥à¤•रण की विशेषताà¤à¤‚ à¤à¥€ होती हैं जो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी उचà¥à¤š कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ करने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ नहीं देती हैं। सीखने की कठिनाइयों में लिखित à¤à¤¾à¤·à¤¾ का उलà¥à¤²à¤‚घन (डिसà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾, डिसà¥à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¤¿à¤¯à¤¾), मौखिक à¤à¤¾à¤·à¤£ (डिसà¥à¤«à¥‡à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾), गिनती (डिसà¥à¤•ैलà¥à¤•à¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¾), आदि शामिल हैं। उदाहरण के लिà¤, आइंसà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ के पास बाà¤à¤‚ गोलारà¥à¤§ में कोणीय गाइरस नहीं था, जो à¤à¤¾à¤·à¤£ के केंदà¥à¤° से मेल खाती है। वह तेजी से नहीं पढ़ सका। आधà¥à¤¨à¤¿à¤• आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, 25% लड़कों में à¤à¥€ यह गाइरस नहीं होता है और वे जलà¥à¤¦à¥€ पढ़ नहीं पाते हैं। नतीजतन, यदि माता-पिता à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मदद नहीं करते हैं, तो वे उन विषयों में काफी पीछे रह जाà¤à¤‚गे, जिनमें बड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में पठन सामगà¥à¤°à¥€ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। यह आइंसà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ के साथ हà¥à¤†, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सà¥à¤•ूल छोड़ दिया और बाद में कॉलेज गà¤, जहां छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के लिठअनौपचारिक आवशà¥à¤¯à¤•ताà¤à¤‚ थीं।
सीखने की समसà¥à¤¯à¤¾ वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अकà¥à¤¸à¤° बाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‡ होते हैं। इन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के संबंध में, विदेशी और घरेलू साहितà¥à¤¯ दोनों में कई पूरà¥à¤µà¤•लà¥à¤ªà¤¿à¤¤ धारणाà¤à¤ दरà¥à¤œ हैं। à¤à¤¸à¥‡ ही à¤à¤• सà¥à¤°à¥‹à¤¤ से उदà¥à¤§à¤°à¤£ यहां दिया गया है। बाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‡ "... कà¥à¤°à¥‰à¤¸-आइड, हकलाना, मà¥à¤¶à¥à¤•िल से अपने पैरों को हिला सकते हैं, वे पानी से निकलने वाली सील की तरह चिलà¥à¤²à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। घर के अंदर अनाड़ी और खेलने में अनाड़ी, वे जो कà¥à¤› à¤à¥€ करते हैं उसमें बड़बड़ाते और उलà¤à¤¤à¥‡ रहते हैं।
लेकिन इसी तरह के निषà¥à¤•रà¥à¤· घरेलू साहितà¥à¤¯ में पाठजा सकते हैं। तो, शिकà¥à¤·à¤•ों और माता-पिता के लिठपतà¥à¤°à¤¿à¤•ा में चिकितà¥à¤¸à¤¾ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के डॉकà¥à¤Ÿà¤° निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित इंगित करते हैं: "यदि माता-पिता धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि बचà¥à¤šà¤¾ बाà¤à¤‚ हाथ का उपयोग करना पसंद करता है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करना उचित है। à¤à¤• नà¥à¤¯à¥‚रोपैथोलॉजिसà¥à¤Ÿ, बचà¥à¤šà¥‡ की जांच करने के बाद, ठीक-ठीक कह सकता है कि उसे किस तरह का बायाठहाथ है। यदि शिशॠके केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° के काम में कोई गड़बड़ी होती है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° उचित उपचार लिखेंगे। वह यह à¤à¥€ सलाह देगा कि कà¥à¤¯à¤¾ यह बचà¥à¤šà¥‡ को फिर से पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ करने लायक है। लेखक के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, यदि 7-9 महीने की उमà¥à¤° से पà¥à¤¨: पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है, तो यह सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाठबिना गà¥à¤œà¤° जाà¤à¤—ा, और बाà¤à¤‚ हाथ के बजाय, बचà¥à¤šà¥‡ में असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ होगी। आधà¥à¤¨à¤¿à¤• आंकड़ों से पता चलता है कि à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ को रिहा करना, à¤à¤²à¥‡ ही हिंसा के साथ संयà¥à¤•à¥à¤¤ न हो, 80% मामलों में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ विकà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤¤ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की ओर जाता है।
à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ जो पहली चीज सीखता है, वह यह है कि उसके शरीर के दो पहलू, दो हाथ और दो पैर हैं। उनमें से किसके बारे में बचे हैं और कौन से सही हैं, वह थोड़ी देर बाद सीखेंगे, और वह केवल 3-5 साल में à¤à¥‡à¤¦ करना सीखेंगे। लड़कियां इसे पहले करेंगी, और लड़के - देर से।
उसकी। सà¥à¤•ूली उमà¥à¤° तक, लगà¤à¤— सà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ बाà¤à¤‚ और दाà¤à¤‚ के बीच अंतर करते हैं, हालांकि à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में वे खो सकते हैं। लेकिन तनाव में, कà¥à¤› वयसà¥à¤•ों को à¤à¥€ याद नहीं रहता कि कहाठबचा है और कहाठसही है।
सहज रूप से, यूरोपीय आबादी के अधिकांश बचà¥à¤šà¥‡ दाहिने हाथ से कई कारà¥à¤¯ करते हैं। जब वे अपने बाà¤à¤‚ हाथ में पेन या पेंसिल लेने की कोशिश करते हैं, तो वयसà¥à¤• सकà¥à¤·à¤® रूप से नोटिस करेंगे कि लिखते और डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤‚ग करते समय (सबसे अधिक सामाजिक रूप से नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ गतिविधियां) दाहिने हाथ का उपयोग करना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि लोग दाà¤à¤‚ हाथ के हैं। लेकिन कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ (8-10 में से लगà¤à¤— 1), कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दृढ़ता के साथ इस बात पर जोर देंगे कि उनके लिठइन और अनà¥à¤¯ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं को अपने बाà¤à¤‚ हाथ से करना अधिक सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यह जानकर आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ होता है कि वे अनà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हैं। उनका नाम बाà¤à¤‚ हाथ का है।
इसके पीछे होने वाली घटनाओं के परिणाम बचà¥à¤šà¥‡ और वयसà¥à¤• की वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त विशेषताओं पर निरà¥à¤à¤° करेंगे। à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरीकों से विशिषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ के अपने अधिकारों की रकà¥à¤·à¤¾ कर सकता है: सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रूप से à¤à¤• वयसà¥à¤• का विरोध करने से लेकर हकलाना, रात में à¤à¤¨à¥à¤¯à¥‚रिसिस, à¤à¤¯, और कई अनà¥à¤¯ घटनाओं के रूप में दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के साथ निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ रूप से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करना, जिसे चिकितà¥à¤¸à¤¾ में विकà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤¤ कहा जाता है। à¤à¤• वयसà¥à¤• बचà¥à¤šà¥‡ को किसी à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• हाथ से सही और सटीक रूप से à¤à¤• कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ दे सकता है, या पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ को उसी तरह से नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर सकता है जिसे वह सही मानता है। इस संघरà¥à¤· में, बचà¥à¤šà¤¾ शायद ही कà¤à¥€ जीतता है, लेकिन वयसà¥à¤• को à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का à¤à¤• बड़ा जाल मिलता है, जिसे वह अकà¥à¤¸à¤° अपने कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से नहीं जोड़ता है, बलà¥à¤•ि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ की विशेषताओं के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° ठहराता है।
और, अंत में, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का à¤à¤• बहà¥à¤¤ छोटा समूह (सौ में से 1-2) अंतर महसूस नहीं करते हैं और à¤à¤• हाथ नहीं चà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• की कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ में समान रूप से सफल होते हैं। उनमें से अधिकांश कà¤à¥€ नहीं जान पाà¤à¤‚गे कि वे उà¤à¤¯à¤²à¤¿à¤‚गी हैं (à¤à¤Ÿà¥€ - टू, डेकà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤® - राइट, लैटिन शबà¥à¤¦à¤¾à¤µà¤²à¥€ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°), यानी उनके पास अगà¥à¤°à¤£à¥€ हाथ नहीं है। लियोनारà¥à¤¡à¥‹ दा विंची के पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤° का शीरà¥à¤·à¤• à¤à¤• उà¤à¤¯à¤²à¤¿à¤‚गी था, लेकिन उनकी जीवनी के इस तथà¥à¤¯ को उनके काम के आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤œà¤¨à¤• परिणामों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बहà¥à¤¤ कम बार विजà¥à¤žà¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया जाता है।
बहà¥à¤¤ से लोग सोचते हैं कि विनमà¥à¤°à¤¤à¤¾ à¤à¤• सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ गà¥à¤£ है, और यह इस बात से निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होता है कि कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ किस हाथ से लिखता है। इसके अलावा, यदि वह अपने दाहिने हाथ से लिखता है, तो वह अनà¥à¤¯ सà¤à¥€ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को करता है। हालांकि, यह पता चला है कि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग अलग-अलग कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में अलग-अलग हाथों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं, इसके बारे में कà¤à¥€ à¤à¥€ सोचे बिना। इस मामले में, अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤• हाथ आसानी से छोटे आंदोलनों को करता है, और दूसरा बड़े वजन उठाता है। उदाहरण के लिà¤, à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾ माठअपने बाà¤à¤‚ हाथ से à¤à¤• à¤à¤¾à¤°à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को पकड़ती है, और अपने दाहिने हाथ से à¤à¤• हलà¥à¤•ा निपà¥à¤ªà¤² लेती है।
यह माना जाता है कि मानव वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में देखी गई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं की ताकत, निपà¥à¤£à¤¤à¤¾ और गति में दाà¤à¤‚ या बाà¤à¤‚ हाथ का लाठहै। इसलिà¤, पà¥à¤°à¤®à¥à¤– हाथ की पहचान करने के लिà¤, यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करना आवशà¥à¤¯à¤• है कि कौन सा हाथ अलग-अलग आंदोलनों को करना पसंद करता है, कौन सा हाथ मजबूत है, जो तेज है।
खेल के मैदान में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अकेले खेलते हà¥à¤ देखें। à¤à¤¸à¤¾ बहà¥à¤¤ कम होता है कि आप उन लोगों से मिलें जो à¤à¤• हाथ से रेत खोदते हैं, जबकि दूसरा सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° रूप से लटकता है और कà¥à¤› नहीं करता है। लगà¤à¤— सà¤à¥€ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं में दोनों हाथ शामिल होते हैं। लेकिन वे बराबर नहीं हैं। सबसे अधिक बार, à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ खोदता है, और दूसरा कारà¥à¤¯ नहीं करता है, लेकिन केवल उस पर निरà¥à¤à¤° करता है। हम इसे अपने अनà¥à¤à¤µ में याद कर सकते हैं: रसोई में, à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ आमतौर पर à¤à¤• हाथ से काटता है, और जिस वसà¥à¤¤à¥ से वह काटता है वह दूसरे के साथ होता है। नतीजतन, हमने उस हाथ को अलग करना सीख लिया है जो आंदोलनों को करना पसंद करता है और इसे सहायक से अलग करता है।
हाथ की निपà¥à¤£à¤¤à¤¾ और ताकत का परीकà¥à¤·à¤£ आमतौर पर विशेष तरीकों का उपयोग करके किया जाता है, जिनमें से कई किसी के लिठà¤à¥€ सà¥à¤²à¤ हैं। कागज की à¤à¤• शीट लें और बचà¥à¤šà¥‡ से पेंसिल को लंबवत पकड़े हà¥à¤, पहले à¤à¤• से और फिर दूसरे हाथ से जलà¥à¤¦à¥€ से बिंदॠलगाने को कहें। आप तà¥à¤°à¤‚त देखेंगे कि वह à¤à¤• हाथ से बहà¥à¤¤ तेजी से डॉटà¥à¤¸ लगाता है, जिसका अरà¥à¤¥ है कि वह सबसे निपà¥à¤£ है।
कागज की à¤à¤• शीट के दो à¤à¤¾à¤— लें। बचà¥à¤šà¥‡ को अपनी पूरी ताकत से उनमें से पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• को मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी में निचोड़ने दें। और फिर, जब वह अपनी मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी खोलता है, तो देखें कि कौन सी चादरें अधिक उखड़ी हà¥à¤ˆ हैं। इस तरह के अवलोकन करने के बाद, आप जलà¥à¤¦à¥€ से पाà¤à¤‚गे कि कई बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में, à¤à¤• हाथ कà¥à¤› कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ करता है, और दूसरा हाथ कà¥à¤› कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ करता है, और अलग-अलग हाथ à¤à¥€ निपà¥à¤£ और मजबूत हो सकते हैं। इसीलिठशोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने अलग-अलग कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में असमान हाथों पर जोर देने के लिठकई अलग-अलग शबà¥à¤¦ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ किठहैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हम सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करेंगे।
सबसे आम नाम "दाà¤à¤‚ हाथ" और "बाà¤à¤‚ हाथ", या "दाà¤à¤‚ हाथ" और "बाà¤à¤‚ हाथ" हैं। यदि कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ सà¤à¥€ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को अपने दाहिने हाथ से करना पसंद करता है, जबकि वह अधिक निपà¥à¤£ और मजबूत निकला, तो उसे राइट-हैंडेड या शà¥à¤¦à¥à¤§ राइट-हैंडेड कहा जाता है। इसी तरह, बाà¤à¤‚ हाथ के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ (या शà¥à¤¦à¥à¤§ बाà¤à¤‚ हाथ के) के लिà¤, बायां हाथ पसंदीदा, और मजबूत, और अधिक निपà¥à¤£ दोनों हो जाता है।
लेकिन केवल à¤à¤• अलà¥à¤ªà¤¸à¤‚खà¥à¤¯à¤• ही इस आवशà¥à¤¯à¤•ता को पूरा करता है। यदि लोग अधिकांश कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¤• हाथ से करते हैं, तो वे मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से दाà¤à¤‚ हाथ (बाà¤à¤‚ हाथ) होते हैं, लेकिन यदि विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को अलग-अलग हाथों से किया जाता है (अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤, कà¥à¤› कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ दाहिने हाथ को पसंद करता है, तो दूसरों में - वाम), तब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ हाथ कहा जाता है। यह वे हैं जो अपने दाहिने हाथ से अपनी उंगलियों से छोटी-छोटी हरकतें करते हैं, और अपने बाà¤à¤‚ हाथ से à¤à¤¾à¤°à¥€ चीजें पकड़ते हैं। इनमें से लगà¤à¤— आधे लोग। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उन लोगों से अलग होना चाहिठजो दोनों हाथों से समान रूप से कà¥à¤¶à¤² हैं। हम पहले ही कह चà¥à¤•े हैं कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उà¤à¤¯à¤²à¤¿à¤‚गी कहा जाता है। इस शबà¥à¤¦ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— विशेष रूप से उदारता के लिठकिया जाता है। à¤à¤¸à¥‡ मामलों में जहां किसी à¤à¥€ कारà¥à¤¯ के पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ में पैर, आंख या कान समान रूप से शामिल होते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सममित कहा जाता है। कà¥à¤› कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में, "à¤à¤‚बीडेकà¥à¤¸à¤Ÿà¤°" शबà¥à¤¦ के बजाय, "सममित हाथ" शबà¥à¤¦ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है।
हो सकता है कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पà¥à¤¨à¤ƒ सीखने का तथà¥à¤¯ याद à¤à¥€ न हो, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि दरà¥à¤¦ के कारण, वह अकà¥à¤¸à¤° चेतना दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ विवश हो जाता है। लेकिन शोधकरà¥à¤¤à¤¾ इस निषà¥à¤•रà¥à¤· पर पहà¥à¤‚चे हैं कि à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ सफलतापूरà¥à¤µà¤• अपने बाà¤à¤‚ हाथ से समाज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ आंदोलनों को सफलतापूरà¥à¤µà¤• करता है। "हिडन लेफà¥à¤Ÿà¥€" शबà¥à¤¦ का à¤à¤• अलग अरà¥à¤¥ है। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ है जो लगà¤à¤— सब कà¥à¤› अपने दाहिने हाथ से करता है, लेकिन अपने बाà¤à¤‚ से कà¥à¤› आंदोलनों को करता है, जिसे वह खà¥à¤¦ नोटिस नहीं करता है।
वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के सावधानीपूरà¥à¤µà¤• विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ से पता चलता है कि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग जो खà¥à¤¦ को दाहिना हाथ मानते हैं, वे अपने बाà¤à¤‚ हाथ से कई आंदोलनों को अधिक सफलतापूरà¥à¤µà¤• या अधिक आसानी से करते हैं। à¤à¤¸à¥‡ बहà¥à¤¤ से लोग नहीं हैं जो सà¤à¥€ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में विशेष रूप से बाà¤à¤‚ या दाà¤à¤‚ हाथ का उपयोग करते हैं। यह याद करने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है कि à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का जीवन कितना जटिल है, जिसने परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के कारण अपना गैर-पà¥à¤°à¤®à¥à¤– हाथ खो दिया है, वह है हैंडनेस के बारे में सरल विचारों पर à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ करना बंद करना।
हमारे हाथ इतनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¤¾ नहीं करते हैं जितना कि à¤à¤• दूसरे के साथ बातचीत करते हैं, और इस बातचीत की विशेषताà¤à¤‚ कई कारणों से निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होती हैं। हमने उनमें से कà¥à¤› का पहले ही उलà¥à¤²à¥‡à¤– किया है: आदतन आंदोलन, सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤•ता, किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त विशेषताà¤à¤‚ (वह अपने हाथों की गति को कितना रोकता है)। बहà¥à¤¤ कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¯à¤‚ आंदोलन की विशेषताओं पर निरà¥à¤à¤° करता है, अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤, इसके लिठठीक दो हाथों की à¤à¤¾à¤—ीदारी की कितनी आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, और à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने इसे कैसे करना सीखा। उदाहरण के लिà¤, अधिकांश बचà¥à¤šà¥‡ अपने दाहिने हाथ से लिखने और अपने बाà¤à¤‚ हाथ से कागज की à¤à¤• शीट रखने के आदी हैं। लेकिन कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥€ होते हैं जो सिरà¥à¤« अपने दाहिने हाथ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं,
जबकि बाईं ओर टेबल पर किसी चीज से छेड़छाड़ की जाती है। यह पूरà¥à¤µà¤¸à¥à¤•ूली बचपन के दौरान पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• हाथ की विशेषजà¥à¤žà¤¤à¤¾ है जो अंततः à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤à¤¤à¤¾ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करती है।
वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में, बाà¤à¤‚ हाथ के निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित कारणों पर विचार किया जाता है:
1. à¤à¤• विशेषता का वंशानà¥à¤—त संचरण;
2. अंतरà¥à¤—रà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯à¥€ या जनà¥à¤® आघात;
3. परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ कारकों का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥¤
à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास में, तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° की विषमता काफी पहले रखी जाती है और यह शारीरिक, जैव रासायनिक और शारीरिक सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ पर पà¥à¤°à¤•ट होती है।
जीवन के पहले महीनों में, बचà¥à¤šà¥‡ का मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• बहà¥à¤¤ पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• का होता है, इसलिठयदि गोलारà¥à¤¦à¥à¤§à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• घायल हो जाता है, तो दूसरा खोठहà¥à¤ कारà¥à¤¯ को संà¤à¤¾à¤² सकता है। उदाहरण के लिà¤, यह जà¥à¤žà¤¾à¤¤ है कि पाशà¥à¤šà¤° के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में केवल à¤à¤• आधा था, और दूसरा काफी अविकसित था। हालांकि, इस तथà¥à¤¯ ने à¤à¤• वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• के रूप में उनकी जीवनी को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नहीं किया। उसी समय, बाद की चोटें महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाती हैं, जिसका परिमाण सीधे चोट के समय पर निरà¥à¤à¤° करता है: बाद में à¤à¤¸à¤¾ होता है, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की कम पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤ªà¥‚रक कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤à¤‚।
à¤à¤• वरà¥à¤· तक की कà¥à¤·à¤¤à¤¿ का सबसे गंà¤à¥€à¤° परिणाम बायां गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ नहीं है, बलà¥à¤•ि दायां गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ है। उनमें से अधिकांश जीवन के साथ संगत नहीं हैं, इसलिठइस तरह की चोटों का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ इस काम के ढांचे में समठमें नहीं आता है। यदि बायां कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाता है, तो दायां अपना कारà¥à¤¯ आसानी से कर लेता है।
बाà¤à¤‚ हाथ की पैथोलॉजिकल उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ की परिकलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ कई आंकड़ों से होती है कि बाà¤à¤‚ हाथ के लोगों में ऑटिजà¥à¤®, हकलाना, à¤à¤¾à¤·à¤£ विकार और मानसिक बीमारियां अधिक आम हैं।
बाà¤à¤‚ हाथ के समूह से, कोई उन लोगों को बाहर कर सकता है जिनके बाà¤à¤‚ हाथ का आघात केवल आघात के कारण होता है, और इसलिठकिसी à¤à¥€ विकृति के साथ जोड़ा जा सकता है। नैदानिक ​​​​साकà¥à¤·à¥à¤¯ बताते हैं कि बाà¤à¤‚ हाथ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ बाà¤à¤‚ गोलारà¥à¤§ के नà¥à¤•सान के संकेत वाले लोगों का à¤à¤¾à¤·à¤£ केंदà¥à¤° दाà¤à¤‚ गोलारà¥à¤§ में होता है, जबकि बाà¤à¤‚ हाथ के बिना लकà¥à¤·à¤£ वाले लोगों के पास बाà¤à¤‚ गोलारà¥à¤§ में होता है। बाà¤à¤‚ हाथ की दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ की ओर इशारा करते हà¥à¤ à¤à¤• और संकेत यह तथà¥à¤¯ हो सकता है कि परिवार में अà¤à¥€ तक बाà¤à¤‚ हाथ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं दिया गया है।
यह जानवरों और मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ दोनों में बार-बार पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की गई है कि सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ मोटर विषमता बेहतर सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ है।
वेकà¥à¤¸à¤²à¤° पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ का उपयोग करके मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन की गई बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ के लिठà¤à¥€ इसी तरह के पैटरà¥à¤¨ पाठगठथे। यह पता चला कि सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ बाà¤à¤‚ या दाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¼à¤¾à¤‡à¤² वाले लड़कों में उचà¥à¤š बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ मूलà¥à¤¯ (130 से अधिक अंक) थे। उचà¥à¤š IQ मान वाली लड़कियों की संखà¥à¤¯à¤¾ सही पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¼à¤¾à¤‡à¤² वाले समूह में अधिक निकली। मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¾à¤‡à¤² वाले लड़कों और लड़कियों दोनों के समूहों में, उचà¥à¤š बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ उन समूहों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में तीन गà¥à¤¨à¤¾ कम थी जिनमें à¤à¤• सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ à¤à¤•तरफा विषमता थी (या तो सà¤à¥€ संकेत बाà¤à¤‚ या दाà¤à¤‚ हैं)।
सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ विषमता के साथ सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ और बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ के दोनों सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® संकेतकों को इस तथà¥à¤¯ से समà¤à¤¾à¤¯à¤¾ गया है कि à¤à¤• गोलारà¥à¤§ के à¤à¥€à¤¤à¤° कनेकà¥à¤¶à¤¨ की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ इंटरहेमिसà¥à¤«à¥‡à¤°à¤¿à¤• सूचना हसà¥à¤¤à¤¾à¤‚तरण की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में तेजी से होती है। यह माना जाता है कि खà¥à¤«à¤¿à¤¯à¤¾ सूचना पà¥à¤°à¤¸à¤‚सà¥à¤•रण की उचà¥à¤š गति विशेषताओं से निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होती है। इस मामले में, जिन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤• गोलारà¥à¤§ में समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को हल करते समय सूचना का संशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ होता है, वे उन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक लाà¤à¤ªà¥à¤°à¤¦ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में होते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गोलारà¥à¤¦à¥à¤§à¥‹à¤‚ की बातचीत की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि संवेदी और मोटर संकेतकों के पà¥à¤°à¤¸à¤‚सà¥à¤•रण को गोलारà¥à¤¦à¥à¤§à¥‹à¤‚ में मोज़ेक रूप से वितरित किया जाता है। पूरà¥à¤µà¤¸à¥à¤•ूली बचपन में गोलारà¥à¤¦à¥à¤§à¥‹à¤‚ को जोड़ने वाले कॉरà¥à¤ªà¤¸ कॉलोसम की अपरिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ को देखते हà¥à¤, यह माना जा सकता है कि समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को हल करने में मà¥à¤–à¥à¤¯ देरी सूचना के हसà¥à¤¤à¤¾à¤‚तरण से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ है।
यह जà¥à¤žà¤¾à¤¤ है कि सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ बाà¤à¤‚ संकेत वाले बचà¥à¤šà¥‡ अधिक à¤à¤¾à¤µà¥à¤• होते हैं। शांत आरामदायक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ उनकी उचà¥à¤š बौदà¥à¤§à¤¿à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं की अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नहीं करती हैं। हालांकि, किसी à¤à¥€ पारसà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤• संघरà¥à¤·, à¤à¤• टीम में शामिल होने में कठिनाइयां उनकी बौदà¥à¤§à¤¿à¤• गतिविधि के परिणामों को महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ रूप से बदल सकती हैं।
अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤• बाà¤à¤‚ हाथ का बचà¥à¤šà¤¾, à¤à¤• शिकà¥à¤·à¤• के पà¥à¤¯à¤¾à¤° में पड़ जाता है, वह à¤à¥€ अपने विषय में उचà¥à¤š उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करता है। इसके विपरीत, शतà¥à¤°à¥à¤¤à¤¾à¤ªà¥‚रà¥à¤£ संबंधों के मामले में, वह शिकà¥à¤·à¤• के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपना दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण समगà¥à¤° रूप से विषय तक बढ़ाà¤à¤—ा। 6-7 वरà¥à¤· की आयॠके सà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¤• वयसà¥à¤• के साथ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• संपरà¥à¤• पर बहà¥à¤¤ अधिक निरà¥à¤à¤° होते हैं, लेकिन फिर à¤à¥€, दाà¤à¤‚ हाथ या मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ हाथ वाले बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¤• वयसà¥à¤• से अधिक दूरी बना सकते हैं और संघरà¥à¤· की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से अधिक आसानी से संबंधित हो सकते हैं।
बाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¼à¤¾à¤‡à¤² वाले बचà¥à¤šà¥‡ की यह à¤à¥‡à¤¦à¥à¤¯à¤¤à¤¾ परिवार में उसके जीवन की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर निरà¥à¤à¤° करती है। परिवार के à¤à¥€à¤¤à¤° संघरà¥à¤·, माता-पिता की उचà¥à¤š चिंता à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ में पारसà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤• चिंता, हाइपोकॉनà¥à¤¡à¥à¤°à¤¿à¤…कल शिकायतों को à¤à¤¡à¤¼à¤•ा सकती है। बदले में, à¤à¤• चिंतित माता-पिता सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रूप से हाइपोकॉनà¥à¤¡à¥à¤°à¤¿à¤…कल अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का अति संरकà¥à¤·à¤£, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर नियंतà¥à¤°à¤£ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कर सकते हैं, और बचà¥à¤šà¥‡, à¤à¤• वयसà¥à¤• के इस तरह के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के जवाब में, दूसरी बार समयबदà¥à¤§à¤¤à¤¾ और कम आतà¥à¤®-नियंतà¥à¤°à¤£ विकसित करेगा।
सà¥à¤•ूल में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते समय घटनाओं की à¤à¤¸à¥€ शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला तेज हो सकती है, जिसमें à¤à¤• कारण या किसी अनà¥à¤¯ के लिà¤, बचà¥à¤šà¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं से अधिक आवशà¥à¤¯à¤•ताà¤à¤‚ होंगी। इस तरह की अधिकता इस तथà¥à¤¯ के कारण संà¤à¤µ है कि, बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की चिंता करते हà¥à¤, सà¥à¤•ूल से पहले, माता-पिता ने उसमें सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾, जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ और काम पूरा करने की इचà¥à¤›à¤¾ विकसित नहीं की।
बहà¥à¤¤ बार जिन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के चिंतित माता-पिता ने अपनी सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ और जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ विकसित नहीं की, अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के पहले वरà¥à¤· के अंत तक, à¤à¤• विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ मनोदैहिक तंतà¥à¤° विकसित किया जाता है (जिसमें कोई à¤à¥€ कठिनाई कà¥à¤› दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• लकà¥à¤·à¤£ पैदा करती है), जो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤•ूल नहीं जाने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ देती है अगर इसमें काम करने के लिठबेहिसाब बचà¥à¤šà¥‡ के लिठआवशà¥à¤¯à¤•ताà¤à¤‚ अधिक हैं। इस तरह की अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¥à¤¬à¤¹ में उलà¥à¤Ÿà¥€, अतिरिकà¥à¤¤ गैस से सूजन और à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ शामिल हो सकती हैं।
चूंकि आधà¥à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤•ूल में वे वरà¥à¤· के दूसरे à¤à¤¾à¤— में ही गà¥à¤°à¥‡à¤¡ देना शà¥à¤°à¥‚ करते हैं, इस समय इस तरह की मनोदैहिक घटनाà¤à¤‚ बनेंगी। यदि कोई कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ नहीं की जाती है, तो पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के अंत तक, à¤à¤¸à¥‡ लकà¥à¤·à¤£ लगातार बने रहेंगे और चिकितà¥à¤¸à¤¾ हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª की आवशà¥à¤¯à¤•ता होगी।
इसीलिà¤, बचà¥à¤šà¥‡ की निपà¥à¤£à¤¤à¤¾ का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करने और उसमें बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में बाà¤à¤‚ संकेतों की पहचान करने के बाद, ककà¥à¤·à¤¾ में और उसके माता-पिता के पà¥à¤°à¤•ट होने पर उसके वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° की निगरानी करना आवशà¥à¤¯à¤• है। à¤à¤¸à¥‡ मामलों में जहां बीमारियां बचà¥à¤šà¥‡ को परेशान करती हैं, माता-पिता के साथ लकà¥à¤·à¤¿à¤¤ कारà¥à¤¯ शà¥à¤°à¥‚ करना आवशà¥à¤¯à¤• है, जिसमें बचà¥à¤šà¥‡ में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ में कमी के à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• घटक के बारे में बात करना आवशà¥à¤¯à¤• है। माता-पिता के समरà¥à¤¥à¤¨ के बिना, बचà¥à¤šà¥‡ के साथ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त कारà¥à¤¯ सफलता नहीं दिलाà¤à¤—ा।
लेखन à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है जिसमें मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के उन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ को शामिल किया जाता है जो शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ की शà¥à¤°à¤µà¤£, दृशà¥à¤¯ और मोटर छवि के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होते हैं, साथ ही इसके अरà¥à¤¥ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° à¤à¥€ शामिल होते हैं।
बाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को फिर से सीखने से लिखना सीखने में कठिनाई हो सकती है। पॉज़िटà¥à¤°à¥‰à¤¨ à¤à¤®à¤¿à¤¶à¤¨ टोमोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ की आधà¥à¤¨à¤¿à¤• पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ का उपयोग करते हà¥à¤, दाà¤à¤‚ हाथ से वयसà¥à¤• दाà¤à¤‚ हाथ और बाà¤à¤‚ हाथ से अधिक पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ लोगों में लिखते समय मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• गतिविधि का आकलन किया गया था। समूहों में हाथ की गति अलग नहीं थी, और दाहिने हाथ की गतिविधियों के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤‚तिक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की गतिविधि की पà¥à¤°à¤•ृति में कोई अंतर नहीं था। हालांकि, लिखते समय दाà¤à¤‚ हाथ के लोगों ने मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के बाà¤à¤‚ हिसà¥à¤¸à¥‡ को सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ किया, जबकि बाà¤à¤‚ हाथ के लोगों ने इसके दोनों तरफ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ किया।
विषयों को फिर से पढ़े हà¥à¤ दशकों बीत चà¥à¤•े हैं, लेकिन लेखन के दौरान सही गोलारà¥à¤§ की सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ गायब नहीं हà¥à¤ˆ है। यह माना जाता है कि पà¥à¤¨à¤ƒ सीखने के दौरान, बाà¤à¤‚ हाथ की गतिविधियों की गतिविधि दबा दी जाती है। नतीजतन, पà¥à¤¨à¤°à¥à¤ªà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में, और फिर वयसà¥à¤•ों में (उनके पूरे जीवन में!) लिखते समय, बायां गोलारà¥à¤¦à¥à¤§, जो दाहिने हाथ की गति को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है, और दायां गोलारà¥à¤¦à¥à¤§, जो बाà¤à¤‚ हाथ को मानसिक रूप से उसी तरह की गति करने का कारण बनता है। सही à¤à¤•, à¤à¤• साथ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होते हैं। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में वयसà¥à¤• से दोहरा पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ और निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से बचà¥à¤šà¥‡ से अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। कोई आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ नहीं कि इनमें से कई बचà¥à¤šà¥‡ विकà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के साथ तनाव का अनà¥à¤à¤µ करते हैं।
यह याद रखने योगà¥à¤¯ है कि, बाà¤à¤‚ हाथ के पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के अलावा, जिन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पास अगà¥à¤°à¤£à¥€ कान या अगà¥à¤°à¤£à¥€ हाथ के विपरीत à¤à¤• अगà¥à¤°à¤£à¥€ आंख है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लेखन में महारत हासिल करने में समसà¥à¤¯à¤¾ का अनà¥à¤à¤µ होगा। इस मामले में, गतिविधि में शामिल संरचनाओं पर मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• नियंतà¥à¤°à¤£ को अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ रूप से परिपकà¥à¤µ कॉरà¥à¤ªà¤¸ कॉलोसम के माधà¥à¤¯à¤® से गोलारà¥à¤¦à¥à¤§à¥‹à¤‚ के बीच सूचनाओं के आदान-पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होगी। इस आदान-पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ के समय ही सीखने में कठिनाइयाठउतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होंगी। शिकà¥à¤·à¤• को इस बात से अवगत होना चाहिठकि इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बढ़ावा देने या बचà¥à¤šà¥‡ से बेहतर लिखने की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• मांग केवल लेखन के विकास में मंदी और खराब किठगठकारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठलगातार नापसंदगी का कारण बन सकती है। लेकिन शिकà¥à¤·à¤• इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का उपयोग यह सिखाने के लिठकर सकता है कि कठिनाइयों को कैसे दूर किया जाà¤à¥¤
à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ जिसे आसानी से कोई à¤à¥€ नई गतिविधि दी जाती है वह à¤à¤• असाधारण घटना है। किसी न किसी तरह से, लेकिन सà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ किसी न किसी में असफल होते हैं। लेकिन यह उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यह नहीं सिखाने का कोई कारण नहीं है। इसके विपरीत, कठिनाइयों पर काबू पाने से, बचà¥à¤šà¤¾ परिणाम पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करना सीखता है, अधिक से अधिक खà¥à¤¦ पर विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करता है, आतà¥à¤®-समà¥à¤®à¤¾à¤¨ बढ़ाता है। पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के शिकà¥à¤·à¤• à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ के लिठलेखन में महारत हासिल करने के लिठà¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त मारà¥à¤— विकसित करते हैं, जिसमें पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• चरण का धीमा मारà¥à¤— à¤à¤• नठकौशल में सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• छोटे कदम के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨ के साथ होता है।
दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में डिसà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤•à¥à¤¸ (पढ़ने की समसà¥à¤¯à¤¾ वाले लोग) की संखà¥à¤¯à¤¾ लगà¤à¤— 1-3% है। लेकिन जापान में ये 10 गà¥à¤¨à¤¾ कम हैं। यह इस तथà¥à¤¯ से समà¤à¤¾à¤¯à¤¾ गया है कि जापानी दो पà¥à¤°à¤•ार के लेखन का उपयोग करते हैं - काना, अकà¥à¤·à¤°à¥‹à¤‚ पर आधारित, और कांजी (चितà¥à¤°à¤²à¤¿à¤ªà¤¿ लेखन), विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ गोलारà¥à¤§à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है (काना - बाà¤à¤‚ के साथ, कांजी - दाà¤à¤‚ के साथ)। इसका मतलब यह है कि कोई à¤à¥€ बचà¥à¤šà¤¾, वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त विषमता की परवाह किठबिना, किसी à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार के पढ़ने में सफल हो सकता है। इसके अलावा, पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ को उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ करने के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ à¤à¥€ उनके बीच बातचीत को बढ़ावा देता है, जो पढ़ने के लिठसीखने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• बनाता है।
पढ़ने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारक हो सकते हैं, à¤à¤¾à¤·à¤£ के केंदà¥à¤° का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ दोनों। यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से 39 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के सात साल के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ (जब वे किंडरगारà¥à¤Ÿà¤¨ में à¤à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• सà¥à¤•ूल के 6 वीं ककà¥à¤·à¤¾ में थे) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ किया गया था, जिसमें मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• परीकà¥à¤·à¤£ डेटा के साथ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के परिणामों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ की गई थी। बाà¤à¤‚ हाथ के बड़े à¤à¤¾à¤·à¤£ केंदà¥à¤° वाले दाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‡ उन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बेहतर पढ़ते हैं जिनमें हाथ और समान कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° का आकार मेल नहीं खाता (उदाहरण के लिà¤, दाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‡ दाईं ओर à¤à¤¾à¤·à¤£ केंदà¥à¤° के अनà¥à¤°à¥‚प कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के साथ, या बाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‡ बाईं ओर à¤à¤• बड़े कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के साथ)। यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने योगà¥à¤¯ है कि लगà¤à¤— सà¤à¥€ लोगों के पास बाà¤à¤‚ गोलारà¥à¤§ में à¤à¤¾à¤·à¤£ केंदà¥à¤° होता है, लेकिन लगà¤à¤— 5% दाà¤à¤‚ हाथ वाले और 15% बाà¤à¤‚ हाथ वाले लोगों के पास दो गोलारà¥à¤§ होते हैं। à¤à¤¾à¤·à¤£ के केंदà¥à¤° के बाà¤à¤‚ हाथ के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ वाले बाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‡ बदतर पढ़ते हैं (लेकिन बाà¤à¤‚ हाथ के लगà¤à¤— 70% बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के होते हैं), जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पढ़ना सिखाते समय धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखा जाना चाहिà¤à¥¤
बाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¼à¤¾à¤‡à¤² वाले लोगों को पढ़ने की à¤à¤• विशेषता यह है कि वे पाठको अंत से आगे पढ़ सकते हैं, और शबà¥à¤¦ - शबà¥à¤¦à¤¾à¤‚शों में, लेकिन अंत से (उदाहरण के लिà¤, "साबà¥à¤¨" शबà¥à¤¦ को "लो-वी" के रूप में पढ़ा जाता है) .
साथ ही, सिलेबलà¥à¤¸ का उलटा उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पाठके अरà¥à¤¥ को समà¤à¤¨à¥‡ से नहीं रोकता है। अपने आप को पढ़ना, उनमें से कई à¤à¤¸à¤¾ ही करते हैं। लेकिन जब वे जोर से पढ़ते हैं, तो ये दो पà¥à¤°à¤•ार के पठन - हमारे परिचित और उनसे परिचित - पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¤¾ करने लगते हैं, जिससे पढ़ने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में तेज मंदी आती है। इसलिठयह सलाह दी जाती है कि à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को नियमित रूप से पढ़ने की गति की जांच न कराà¤à¤‚। यदि मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ की आवशà¥à¤¯à¤•ताओं के कारण इसे टाला नहीं जा सकता है, तो उनकी पढ़ने की गति को ककà¥à¤·à¤¾ में नहीं, बलà¥à¤•ि अधिक आराम के वातावरण में जाà¤à¤šà¤¾ जा सकता है, जब बचà¥à¤šà¥‡ को शिकà¥à¤·à¤• के साथ अकेला छोड़ दिया जाता है। और यहां हमें याद रखना चाहिठकि कोई à¤à¥€ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ केवल पढ़ने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को खराब करेगी। पढ़ने का पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ देते समय, à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤¸à¥‡ पाठपà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करना बेहतर होता है जहाठकोई जटिल कथानक न हो, लेकिन à¤à¤• विशद छवि हो। जब कई छवियां दिखाई देती हैं, तो बचà¥à¤šà¤¾ आसानी से जो पढ़ा जा रहा है उसका अरà¥à¤¥ खो देता है।
ये आंकड़े फिर से संकेत करते हैं कि पढ़ने और लिखने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं के लिà¤, à¤à¤• ही गोलारà¥à¤§ में मोटर और à¤à¤¾à¤·à¤£ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ कारक है। यही कारण है कि यह बाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‡ नहीं हैं जो सबसे खराब सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में हैं, बलà¥à¤•ि वे बचà¥à¤šà¥‡ हैं जिनके पास अलग-अलग वितरित संवेदी और मोटर कारà¥à¤¯ हैं जो लिखने और पढ़ने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में शामिल हैं। यह पहले ही कहा जा चà¥à¤•ा है कि यह सूचना को à¤à¤• गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ से दूसरे गोलारà¥à¤¦à¥à¤§ में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता के कारण है, और कॉरà¥à¤ªà¤¸ कॉलोसम इसके लिठतैयार नहीं हो सकता है, खासकर बाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में, जिनमें इस संरचना की परिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ धीमी है। (उनमें से कà¥à¤› में यह केवल 12 साल तक समापà¥à¤¤ हो जाà¤à¤—ा)।
यह देखना आसान है कि कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पढ़ना मà¥à¤¶à¥à¤•िल लगता है, लेकिन वे बहà¥à¤¤ जटिल पाठों को सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ का आनंद लेते हैं जो कि अधिकांश अनà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठउपलबà¥à¤§ नहीं हैं जो सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° रूप से पढ़ने में सफल होते हैं। इस मामले में, पढ़ने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को दो उप-पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ करने की अनà¥à¤¶à¤‚सा की जाती है: जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करना और अकà¥à¤·à¤°à¥‹à¤‚ को à¤à¤• सारà¥à¤¥à¤• पाठमें à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ करना। पहले को वयसà¥à¤•ों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लिया जाता है जो मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास के उस सà¥à¤¤à¤° तक पहà¥à¤‚चने तक जटिल किताबें पढ़ेंगे, जिस पर बचà¥à¤šà¥‡ के लिठपढ़ना आसान हो जाता है (यह 12 या 15 साल की उमà¥à¤° में à¤à¥€ हो सकता है)। संयà¥à¤•à¥à¤¤ परिवार पढ़ना बचà¥à¤šà¥‡ के लिठà¤à¥€ उपयोगी होगा कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कई बाà¤à¤‚ हाथ के लोग बहà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤µà¥à¤• होते हैं, और अपने मूल पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ से चिपके रहते हैं, वे अधिक सहज और आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ महसूस करते हैं। और सामगà¥à¤°à¥€ के लिठà¤à¤• वयसà¥à¤• की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, उसकी टिपà¥à¤ªà¤£à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¤• छोटे से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को न केवल पाठको समà¤à¤¨à¥‡ के लिà¤, बलà¥à¤•ि विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ जीवन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ करने के लिठà¤à¥€ सिखाà¤à¤‚गी। 19वीं सदी में अकारण नहीं। पारिवारिक रीडिंग à¤à¤• शिकà¥à¤·à¤¿à¤¤ परिवार की निशानी थी और इसे सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ शैकà¥à¤·à¤¿à¤• कà¥à¤·à¤£ के रूप में देखा जाता था। यह संà¤à¤µ है कि à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾, इस तरह के समाधान की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में, न केवल बचà¥à¤šà¥‡ की कठिनाइयों को दूर करना संà¤à¤µ बनाà¤à¤—ी, बलà¥à¤•ि परिवार में कई अनà¥à¤¯ संघरà¥à¤· सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को हल करने में à¤à¥€ उपयोगी होगी।
लेकिन बचà¥à¤šà¥‡ को पढ़ने के काम से मà¥à¤•à¥à¤¤ नहीं किया जाता है। उसे सरलीकृत पाठों पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है, उदाहरण के लिà¤, नरà¥à¤¸à¤°à¥€ राइम पढ़ना। पाठकी à¤à¤• संकीरà¥à¤£ पटà¥à¤Ÿà¥€, पूरे पृषà¥à¤ पर फैली चौड़ी पटà¥à¤Ÿà¥€ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में पढ़ने में आसान होती है। पनà¥à¤¨à¥‡ के बाद पलटते हà¥à¤, बचà¥à¤šà¤¾ यह विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करने लगता है कि वह इस कठिन कारà¥à¤¯ में महारत हासिल कर सकता है। और साहितà¥à¤¯ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¥‡à¤®, पारिवारिक वाचन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लाया गया, उसे कठिनाइयों को दूर करने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करेगा।
जटिल पाठपढ़ने पर जोर देना, इसके विपरीत, बचà¥à¤šà¥‡ को साहितà¥à¤¯ से दूर धकेल सकता है। à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि डिसà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। जिन लोगों को पढ़ना मà¥à¤¶à¥à¤•िल लगता है वे ही इसके बारे में बात नहीं करते हैं, वे कहते हैं कि किताबें दिलचसà¥à¤ª नहीं हैं। इसे मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• रकà¥à¤·à¤¾ कहा जाता है - à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ जिसमें à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ खà¥à¤¦ को इस विचार से बचाता है कि उसने किसी समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना नहीं किया है। यह संà¤à¤µ है कि अधिक धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से पढ़ना सीखकर, वे अपने मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास की विशिषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾à¤“ं के कारण उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कठिनाइयों को दूर कर लेंगे, और अपने जीवन के वयसà¥à¤• काल में बड़ी रà¥à¤šà¤¿ के साथ पढ़ेंगे।
विषमता धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ घाटे के विकार से à¤à¥€ जà¥à¤¡à¤¼à¥€ है, जो औसतन 5% बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में होती है। यह माना जाता है कि अटेंशन डेफिसिट सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® में, निषेध कारà¥à¤¯ कमजोर हो जाता है, संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ सही गोलारà¥à¤§ की अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ गतिविधि से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होता है, जो बदले में, अंतरà¥à¤—रà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯à¥€ आघात का परिणाम हो सकता है। मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि अटेंशन डेफिसिट डिसऑरà¥à¤¡à¤° दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है, और 100 में से 5 से अधिक बचà¥à¤šà¥‡ इसे नहीं पाते हैं। इसी समय, रूसी सà¥à¤•ूलों के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ में, यह निदान बहà¥à¤¤ अधिक सामानà¥à¤¯ है - कà¥à¤› सà¥à¤•ूलों में, 40% तक बचà¥à¤šà¥‡ इसे पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करते हैं। यहां हमें अति-निदान के बारे में बात करनी चाहिà¤, जब à¤à¤• बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— वयसà¥à¤• के दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण से खराब वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°, बचà¥à¤šà¥‡ की शिकà¥à¤·à¤¾ की कमी या उसकी पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¤¾ को à¤à¤• बीमारी माना जाता है। यदि वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• बीमारी के मामले में फारà¥à¤®à¤¾à¤•ोथेरेपी à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤• है, तो परिवार में विशेष परवरिश के कारण बचà¥à¤šà¥‡ की अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• गतिविधि के मामले में, इस पालन-पोषण को बदलने का à¤à¤•मातà¥à¤° पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ तरीका होगा। इसके अलावा, वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ की कमी वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अकà¥à¤¸à¤° बाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¼à¤¾à¤‡à¤² (गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• कà¥à¤·à¤¤à¤¿ के कारण) होगी, और मोबाइल बीमार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पास मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ या सही पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¼à¤¾à¤‡à¤² होगी, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे यूरोपीय आबादी में अधिक आम हैं।
माता-पिता अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से जो मांग करते हैं, माता-पिता के वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° और जिस तरह से वे अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ संवाद करते हैं, लगà¤à¤— कोई à¤à¥€ शिकà¥à¤·à¤• à¤à¤• अतिसकà¥à¤°à¤¿à¤¯ बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• खराब शिकà¥à¤·à¤¿à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ से अलग कर सकता है। यदि वांछित है, तो आप परीकà¥à¤·à¤£ कर सकते हैं, जो दूसरे के माता-पिता की उदार पालन-पोषण शैली को पà¥à¤°à¤•ट करने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है। इसके अलावा, उतà¥à¤¤à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¦à¥à¤§ अपने बचà¥à¤šà¥‡ के साथ कà¥à¤¯à¤¾ होता है, इसके लिठहर किसी को दोषी ठहराते हैं।
à¤à¤• अनà¥à¤¯ बीमारी जिसे गोलारà¥à¤¦à¥à¤§à¥‹à¤‚ की अपरिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प माना जाता है, वह है बचपन का आतà¥à¤®à¤•ेंदà¥à¤°à¤¿à¤¤à¥¤ ऑटिजà¥à¤® à¤à¤• विकार है जो आनà¥à¤µà¤‚शिक और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ कारकों सहित कई कारकों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होता है।
हाल के वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में आतà¥à¤®à¤•ेंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ के निदान में सà¥à¤§à¤¾à¤° के कारण इस निदान वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ में तेज वृदà¥à¤§à¤¿ हà¥à¤ˆ है: 2000 में, आतà¥à¤®à¤•ेंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ की वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤•ता पà¥à¤°à¤¤à¤¿ 10,000 बचà¥à¤šà¥‡ की आबादी पर 5 से 26 मामलों तक थी; 2005 में, पà¥à¤°à¤¤à¤¿ 250-300 नवजात शिशà¥à¤“ं में ऑटिजà¥à¤® का औसतन à¤à¤• मामला था: यह संयà¥à¤•à¥à¤¤ बहरापन और अंधापन संयà¥à¤•à¥à¤¤, डाउन सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ मेलेटस या बचपन के कैंसर की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक बार होता है। विशà¥à¤µ ऑटिजà¥à¤® संगठन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° 2008 में 150 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में ऑटिजà¥à¤® का 1 मामला सामने आया।
उसी वरà¥à¤· से, संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° (यूà¤à¤¨) ने समसà¥à¤¯à¤¾ की गहराई और समाज के लिठपरिणामों की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ को महसूस करते हà¥à¤ 2 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² को "विशà¥à¤µ आतà¥à¤®à¤•ेंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ जागरूकता दिवस" ​​के रूप में घोषित किया। 2012 में, अमेरिकी राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में रोग नियंतà¥à¤°à¤£ केंदà¥à¤° ने 88 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में ऑटिज़à¥à¤® के औसतन 1 मामले की सूचना दी। दस वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में ऑटिजà¥à¤® से पीड़ित बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ में 10 गà¥à¤¨à¤¾ वृदà¥à¤§à¤¿ हà¥à¤ˆ है। माना जा रहा है कि à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में à¤à¥€ ऊपर की ओर रà¥à¤à¤¾à¤¨ बना रहेगा।
यह पता चला कि दाà¤à¤‚ हाथ के लोगों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बाà¤à¤‚ हाथ के लोगों में ऑटिज़à¥à¤® अधिक आम है। हमने 8 ऑटिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और उनके करीबी रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ में कारà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• सेंसरिमोटर विषमता के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¾à¤‡à¤² का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया है। सà¤à¥€ जांचे गठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बाà¤à¤‚ या सममित पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¾à¤‡à¤² थे। 3 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में, माता-पिता दोनों में बाà¤à¤‚ या सममित पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¾à¤‡à¤² à¤à¥€ पाठगà¤, शेष बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में - केवल à¤à¤• माता-पिता में। सà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के परिवारों में कम से कम à¤à¤• माता-पिता में उचà¥à¤š चिंता पाई गई। हालांकि, इस मामले में कारण कà¥à¤¯à¤¾ था और परिणाम कà¥à¤¯à¤¾ था, इस बारे में सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ निषà¥à¤•रà¥à¤· निकालना संà¤à¤µ नहीं था: उचà¥à¤š चिंता बचà¥à¤šà¥‡ में बीमारी के विकास से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ थी या यह थी
बाà¤à¤‚ गोलारà¥à¤§ संरचनाओं की अपरिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ वाले बचà¥à¤šà¥‡ में रोग के विकास में रोगजनक कारकों में से à¤à¤•।
यह माना जा सकता है कि बाà¤à¤‚ गोलारà¥à¤§ के नियंतà¥à¤°à¤£ की जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ कमजोरी, परिवार में बचà¥à¤šà¥‡ के à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास की ख़ासियत के साथ मिलकर, रोग के गठन की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पैदा करती है। यह समà¤à¤¨à¤¾ जरूरी है कि लेफà¥à¤Ÿ हैंडेडनेस ही बचà¥à¤šà¥‡ की अधिक चिंता का आधार बनती है, लेकिन इसका à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ होना या न होना उसके परिवार पर निरà¥à¤à¤° करता है। यही कारण है कि सà¤à¥€ बाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‡ ऑटिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• नहीं होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ और उसके परिवार दोनों के साथ विशेष काम की जरूरत होती है।
तो, पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ डेटा इंगित करता है कि यह बाà¤à¤‚ हाथ नहीं है जो बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में कठिनाइयों को निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करता है। समसà¥à¤¯à¤¾ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के गोलारà¥à¤¦à¥à¤§à¥‹à¤‚ को जोड़ने वाले तंतà¥à¤“ं की धीमी परिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ के कारण है, इसलिठइसे अकà¥à¤¸à¤° कारà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• सेंसरिमोटर विषमता के मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¼à¤¾à¤‡à¤² के साथ जोड़ा जाता है। हालांकि, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• संरचनाओं की इस अपरिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ की à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ की जा सकती है या, इसके विपरीत, सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से उन तरीकों से चिहà¥à¤¨à¤¿à¤¤ किया जा सकता है जिनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ को पढ़ाया जाता है। नà¥à¤¯à¥‚रोसरà¥à¤œà¤¨ जोसेफ बोगेन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, आधà¥à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤•ूली शिकà¥à¤·à¤¾ के लिठनठजà¥à¤žà¤¾à¤¨ को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने में केवल बाà¤à¤‚ गोलारà¥à¤§ की à¤à¤¾à¤—ीदारी की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, जो बचà¥à¤šà¥‡ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास को बहà¥à¤¤ बाधित करता है, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के à¤à¤• आधे हिसà¥à¤¸à¥‡ को अधिà¤à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करता है और दूसरे आधे की "à¤à¥‚ख" पैदा करता है।
वासà¥à¤¤à¤µ में, बचà¥à¤šà¥‡ को पढ़ाते समय उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने वाली अधिकांश समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ इस तथà¥à¤¯ के कारण होती हैं कि पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ में बहà¥à¤¤ सारे कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को पेश किया जाता है जिनमें अमूरà¥à¤¤, सैदà¥à¤§à¤¾à¤‚तिक सोच की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। लेकिन औसत बचà¥à¤šà¥‡ में सैदà¥à¤§à¤¾à¤‚तिक सोच 12-14 साल की उमà¥à¤° में ही बनती है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का बहà¥à¤¤ छोटा हिसà¥à¤¸à¤¾ अमूरà¥à¤¤ विचारों को समà¤à¤¨à¥‡ में सकà¥à¤·à¤® होता है। पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ की पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ और सामगà¥à¤°à¥€ के पà¥à¤°à¤•ार में बदलाव से बचà¥à¤šà¥‡ की मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• संरचनाओं की अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ परिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ रूप से कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤ªà¥‚रà¥à¤¤à¤¿ करना संà¤à¤µ हो जाà¤à¤—ा।
यह किसी à¤à¥€ तरह से यह नहीं बताता है कि शिकà¥à¤·à¤¾ मानकों को कम करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। बस, बचà¥à¤šà¥‡ को पढ़ाते समय न केवल अपने बाà¤à¤‚ गोलारà¥à¤§ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤, बलà¥à¤•ि दाईं ओर à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤• छोटे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• और असà¥à¤¥à¤¿à¤° कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° का विकास न केवल अंततः जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤• मातà¥à¤°à¤¾ में महारत हासिल करने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ देगा, बलà¥à¤•ि उसे यह à¤à¥€ सिखाà¤à¤—ा कि कठिनाइयों को कैसे जीना और दूर करना है।
हालांकि, बाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का समूह, दाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तरह, बहà¥à¤¤ ही विषम है, और सà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पालन-पोषण और शिकà¥à¤·à¤¾ में समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हैं। कठिनाइयों के उदà¥à¤à¤µ का आधार कई कारण हो सकते हैं: आनà¥à¤µà¤‚शिक विशेषताà¤à¤‚ जो विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• संरचनाओं की परिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ की असंगति में महसूस की जाती हैं, अंतरà¥à¤—रà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯à¥€ विकास की बारीकियां और जनà¥à¤® पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, जो मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की चोट के साथ हो सकती हैं, विशेषताà¤à¤‚ पारिवारिक संबंधों का जो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ की अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ या निषेध करता है। सà¥à¤—मता या अनà¥à¤¯ पारà¥à¤¶à¥à¤µ संकेतों की अवधारणा केवल पहले दो कारणों से सीधे संबंधित है। लेकिन उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ काफी हद तक कम किया जा सकता है या, इसके विपरीत, शिकà¥à¤·à¤¾ की ख़ासियत से मजबूत किया जा सकता है। शारीरिक दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण से, सबसे अधिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ दाà¤à¤‚ हाथ या बाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‡ नहीं हैं, बलà¥à¤•ि वे हैं जिनके पास अलग-अलग गोलारà¥à¤§ में अलग-अलग संवेदी और मोटर संकेतक हैं।
इसके अलावा, विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ गतिविधियों में, विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ बचà¥à¤šà¥‡ असफल होते हैं। यदि बाà¤à¤‚ हाथ के लोगों की लिखावट खराब होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है, तो वे शायद डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤‚ग में अचà¥à¤›à¥‡ होंगे। पर यह मामला हमेशा नहीं होता। à¤à¤• लड़के में आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ विकसित होने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है, जबकि à¤à¤• लड़की की दृशà¥à¤¯ छवि अलग हो सकती है (हमें याद है कि अंतरिकà¥à¤· का कबà¥à¤œà¤¾ टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है), और रासà¥à¤¤à¥‡ में कठिनाइयाठउसे à¤à¤• कठिन कारà¥à¤¯ जारी रखने से हतोतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करेंगी।
यह माना जाता है कि यह बाà¤à¤‚ हाथ के लोग हैं जिनके पास आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤œà¤¨à¤• रूप से सà¥à¤‚दर सà¥à¤²à¥‡à¤– लिखावट है, हालांकि यह अतà¥à¤¯à¤‚त दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है। इस मामले में, बचà¥à¤šà¤¾ (आमतौर पर à¤à¤• लड़का) मानता है
चितà¥à¤°à¥‹à¤‚ की तरह पतà¥à¤°à¥¤ तब वह उस पैटरà¥à¤¨ का आनंद लेगा जो उसके हाथ के नीचे से निकलता है। उसी समय, अकà¥à¤·à¤°à¥‹à¤‚ की सà¥à¤‚दरता पर अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ बचà¥à¤šà¥‡ को विचलित कर सकता है कि वे किस शबà¥à¤¦ को बनाते हैं।
बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में तà¥à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बनाई गई कला के काम से वयसà¥à¤• असंतोष का कारण बनेंगी, और à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ में यह लगातार नकारातà¥à¤®à¤•ता का कारण बनेगी।
लेकिन दाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‡ के पास सà¥à¤‚दर लिखावट होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है, हालांकि वह खराब तरीके से आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ होगा। और सà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पास यह सà¥à¤‚दर लिखावट लंबे समय तक नहीं होगी। बहà¥à¤¤ से बचà¥à¤šà¥‡ बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€ सà¥à¤‚दर लिखना बंद कर देते हैं, और चाहे वे कितने à¤à¥€ हैंडसम कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हों। जैसे ही शिकà¥à¤·à¤• सीखने के इस मानदंड की सतरà¥à¤•ता में ढील देता है, यह केवल उन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बना रहता है जिनके घर पर कोई उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ देख रहा है या जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पहले से ही अपने कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पर आंतरिक नियंतà¥à¤°à¤£ सिखाया जा चà¥à¤•ा है।
यदि दाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठयह कारण काम नहीं करता है, तो बाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठइस कारण का बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। आप कह सकते हैं: "बचà¥à¤šà¤¾ बाà¤à¤‚ हाथ का है," - कà¥à¤› à¤à¥€ बदलने की असंà¤à¤µà¤¤à¤¾ के कारण अपने कंधों को सिकोड़ें और इस बचà¥à¤šà¥‡ की विशेषताओं पर सà¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को लिखें। लेकिन कोई à¤à¥€ शिकà¥à¤·à¤• आपको बताà¤à¤—ा कि गैर-विशेष बचà¥à¤šà¥‡ दà¥à¤°à¥à¤²à¤ हैं। इसके अलावा, अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤• छोटे बचà¥à¤šà¥‡ में समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं की अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ में बेहद गंà¤à¥€à¤° मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• टूटने में बदल सकती है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कारà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विषमता के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सà¤à¥€ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ इंगित करता है कि वामपंथ à¤à¤• सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• "टोकरी" है जिसमें मानक शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ की सौमà¥à¤¯à¤¤à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सà¤à¥€ तà¥à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, आदरà¥à¤¶ बचà¥à¤šà¥‡ को पढ़ाने और देखने की इचà¥à¤›à¤¾ न रखने के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से हैं। असली à¤à¤•, लिखा जा सकता है। लेकिन मानक बचà¥à¤šà¤¾ मौजूद नहीं है, जैसे औसत वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ मौजूद नहीं है। यह दिखाया गया है कि वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• लोगों में, हृदय से अलग-अलग संखà¥à¤¯à¤¾ में बरà¥à¤¤à¤¨ à¤à¥€ निकलते हैं, हालांकि किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का जीवन इस अंग पर निरà¥à¤à¤° करता है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की संरचना में à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾à¤“ं का वरà¥à¤£à¤¨ à¤à¥€ नहीं किया गया है, वे इतने महान हैं। à¤à¥¤ फà¥à¤°à¤¾à¤‚स के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का वजन 900 गà¥à¤°à¤¾à¤® था, और आई। तà¥à¤°à¥à¤—नेव का - 2400 गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥¤ लेकिन पà¥à¤°à¤•ृति ने डेढ़ किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® अंतर नहीं देखा, जैसे कलातà¥à¤®à¤• संसà¥à¤•ृति ने à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं दिया।
बाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‡ से मिलते समय, यह याद रखने योगà¥à¤¯ है कि à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ के बाà¤à¤‚ हाथ के माता-पिता होने की सबसे अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है। इसके अलावा, यदि वह बचà¥à¤šà¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को हल करने में रà¥à¤šà¤¿ रखता है, तो उसे याद होगा कि उसने बचपन में किन कठिनाइयों का अनà¥à¤à¤µ किया था और कैसे वह उन पर काबू पाने में सकà¥à¤·à¤® था। और फिर वह अपने बचà¥à¤šà¥‡ को इसके बारे में बता पाà¤à¤—ा, बाधाओं को दूर करने में उसकी मदद करेगा और अपने बेटे या बेटी को खà¥à¤¦ समà¤à¤¨à¤¾ सीखेगा। हर बार, बचà¥à¤šà¥‡ के बाà¤à¤‚ हाथ के बारे में सीखते हà¥à¤, माता-पिता को सबसे पहले खà¥à¤¦ की ओर मà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¤¾ चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥à¤šà¤¾ केवल उसका दरà¥à¤ªà¤£ है, या बलà¥à¤•ि, अपने बचपन का दरà¥à¤ªà¤£ है। और यह तथà¥à¤¯ कि à¤à¤• माता-पिता के पास à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ है, यह दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है कि वह उस कांटेदार रासà¥à¤¤à¥‡ को पार करने में सकà¥à¤·à¤® था जिस पर उसका बचà¥à¤šà¤¾ अब चल रहा है, और वह इस पर काबू पाने का नà¥à¤¸à¥à¤–ा जानता है। बेशक, इस पथ के लिठमाता-पिता के अपने काम की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, जो बचà¥à¤šà¥‡ को मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• के पास à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ से कहीं अधिक कठिन है। गिफà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡à¤¨à¥‡à¤¸ मानस का à¤à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ गà¥à¤£ है जो जीवन à¤à¤° विकसित होता है, जो अनà¥à¤¯ लोगों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में à¤à¤• या à¤à¤• से अधिक पà¥à¤°à¤•ार की गतिविधि में उचà¥à¤š, उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ परिणाम पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करता है।
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7. निकोलेवा ई। आई। 7-8 वरà¥à¤· की आयॠके बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पारà¥à¤¶à¥à¤µ संकेतों के साथ उपहार का संबंध // "पारिवारिक और सामाजिक पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के विषयों का मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ और शिकà¥à¤·à¤¾à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°"। चटाई। समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ 2014. à¤à¤¸ 93-95।
8. निकोलेवा ई। आई।, वेरगà¥à¤¨à¥‹à¤µ ई। जी।, डोबà¥à¤°à¤¿à¤¨ à¤à¥¤ वी। नॉनलाइनियर विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ // विषमता के तरीकों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£à¤•ालीन राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पारà¥à¤¶à¥à¤µ वरीयताओं वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में हृदय गति विनियमन की पà¥à¤°à¤•ृति का विवरण। 2015. वी. 9. नंबर 1. पीपी. 13-24।
9. निकोलेवा ई। आई।, डोबà¥à¤°à¤¿à¤¨ à¤à¥¤ वी। सेंसरिमोटर विषमता - à¤à¤• शिकà¥à¤·à¤• को इसके साथ कैसे काम करना चाहिà¤à¥¤ 2014. नंबर 8। पीपी 155-161।
10. पाइलाà¤à¤µà¤¾ ओ.à¤. बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में उपहार और संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚। दोहरी विशिषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ की घटना। उपहार और सीखने की कठिनाइयाà¤à¥¤ गिफà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡à¤¨à¥‡à¤¸ à¤à¤‚ड अटेंशन डेफिसिट हाइपरà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ डिसऑरà¥à¤¡à¤° (साहितà¥à¤¯ समीकà¥à¤·à¤¾)। à¤à¤¾à¤— I // बाल नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजी के रूसी जरà¥à¤¨à¤²à¥¤ 2015. वी। 10. नंबर 3। पीपी. 15-36.
11. पाइलाà¤à¤µà¤¾ ओ.à¤. बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ और संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚। दोहरी विशिषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ की घटना। उपहार और सीखने की कठिनाइयाà¤à¥¤ गिफà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡à¤¨à¥‡à¤¸ à¤à¤‚ड अटेंशन डेफिसिट हाइपरà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ डिसऑरà¥à¤¡à¤° (साहितà¥à¤¯ समीकà¥à¤·à¤¾)। à¤à¤¾à¤— II // बाल नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजी के रूसी जरà¥à¤¨à¤²à¥¤ 2015. वी. 10. संखà¥à¤¯à¤¾ 4. पीपी. 17-42.
12. रज़à¥à¤®à¤¨à¤¿à¤•ोवा ओ.à¤à¤®., निकोलेवा ई। आई। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ और सीखने की सफलता के आकलन के बीच सहसंबंध // मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨à¥¤ 2001, पीपी. 123-129.
13. à¤à¤‚शेल के.à¤à¤®., फराओन à¤à¤¸.वी., सà¥à¤Ÿà¥‡à¤²à¥‹à¤¨ के। कà¥à¤¯à¤¾ उचà¥à¤š बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ घाटे की सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ विकार à¤à¤• वैध निदान है? à¤à¤¡à¥€à¤à¤šà¤¡à¥€ के à¤à¤®à¤œà¥€à¤à¤š लॉनà¥à¤—िटà¥à¤¯à¥‚डिनल फैमिली सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¤œ के परिणाम // जे। चाइलà¥à¤¡ साइकोल। मनशà¥à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾à¥¤ 2007 वॉलà¥à¤¯à¥‚म। 48. नहीं। 7. पीपी। 687-694।
15. गिफà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हेंडरसन à¤à¤².à¤à¤®. à¤à¤¸à¥à¤ªà¤°à¤—र सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® // गिफà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ चाइलà¥à¤¡ टà¥à¤¡à¥‡à¥¤ 2001. वॉलà¥à¤¯à¥‚म 24. नंबर 3. पीपी। 28-35।
16. लवेट बी.जे., लेवांडोवà¥à¤¸à¥à¤•ी à¤à¤².जे. पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को सीखने की अकà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾: वे कौन हैं? // जे। विकलांग जानें। 2006 वॉलà¥à¤¯à¥‚म। 39. नहीं। 6. पीपी। 515-527.
17. मनà¥à¤¨à¥à¤œà¤¼à¤¾ à¤à¤¸à¥¤, कà¥à¤²à¥‡à¤¨ आर। जी।, बेसलर à¤à¥¤ हाइपरà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ लड़कों के शैकà¥à¤·à¤¿à¤• और वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• परिणाम बड़े हो गठ// जे। पूरà¥à¤µà¤¾à¤¹à¥à¤¨à¥¤ à¤à¤•ेड। चाइलà¥à¤¡à¤à¤¡à¥‹à¤²à¤¸à¥à¤•। मनशà¥à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾à¥¤ 1997 वॉलà¥à¤¯à¥‚म। 36.पीपी। 1222-1227.
18. पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का सामाजिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास: हम कà¥à¤¯à¤¾ जानते हैं? /ईडी। नेहारà¥à¤Ÿ à¤à¤®à¥¤, रीस à¤à¤¸à¥¤, रॉबिनà¥à¤¸à¤¨ à¤à¤¨à¥¤, मून à¤à¤¸à¥¤ वाको, TX: पà¥à¤°à¥à¤«à¥à¤°à¥‰à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤¸, 2002।
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20. विजेता ई। उपहार की उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ और अंत // à¤à¤®à¥¤ साइकोल। 2000 वॉलà¥à¤¯à¥‚म। 55. नहीं। 1. पीपी.159-169।
28 सितंबर 2016 को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†
डीओआई: 10.15643/लिबरà¥à¤Ÿà¤¸-2016.5.5
माधà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पढ़ाने की समसà¥à¤¯à¤¾ और दोहरी असाधारणता की घटना
© ई. आई. निकोलेवा*12, à¤à¤¸.à¤. बà¥à¤°à¥à¤•ोवा2 और à¤à¤¨.बी. कासà¥à¤¨à¤¾à¤šà¥‡à¤µà¤¾1
1 पीटरà¥à¤¸à¤¬à¤°à¥à¤— सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपोरà¥à¤Ÿ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ 9 मोसà¥à¤•ोवसà¥à¤•ी डॉ., 190031, सेंट पीटरà¥à¤¸à¤¬à¤°à¥à¤—, रूस।
2 हरà¥à¤œà¤¼à¥‡à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ पेडागोगिकल यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ 48 मोइका नदी à¤à¤®à¥à¤¬à¥¤, 191186 सेंट पीटरà¥à¤¸à¤¬à¤°à¥à¤—, रूस।
*ईमेल: klemtina@yandex.ru
लेख में, दोहरी असाधारणता की घटना पर चरà¥à¤šà¤¾ की गई है जो विशिषà¥à¤Ÿ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में होती है जब à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ में à¤à¤• साथ उपहार की विशेषताà¤à¤‚ और सà¥à¤•ूल में सीखने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को खराब करने वाली बीमारियां होती हैं। बचà¥à¤šà¥‡ को पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ करने के लिठशिकà¥à¤·à¤• से à¤à¤• ओर, à¤à¤• विशेष कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ के विकास की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, दूसरी ओर - सà¥à¤§à¤¾à¤° की विशेषताà¤à¤‚ सीखने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को जटिल बनाती हैं। इस समूह में, बाà¤à¤‚ हाथ के बचà¥à¤šà¥‡, अटेंशन डेफिसिट हाइपरà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ डिसऑरà¥à¤¡à¤° वाले बचà¥à¤šà¥‡ और ऑटिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• सà¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤° सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® वाले बचà¥à¤šà¥‡ शामिल होने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है। पारà¥à¤¶à¥à¤µ वरीयता मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन के तरीकों का वरà¥à¤£à¤¨ किया गया है। यह चरà¥à¤šà¤¾ की गई कि मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ पारà¥à¤¶à¥à¤µ मापदंडों वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥à¤•ूल में सबसे गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ थीं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लिखने और पढ़ने में समसà¥à¤¯à¤¾ होती है यदि उनके पास अलग-अलग पà¥à¤°à¤®à¥à¤– पैरामीटर हैं, उदाहरण के लिठदाहिना हाथ और बायां अगà¥à¤°à¤£à¥€ कान या बाईं ओर की आंख और दायां अगà¥à¤°à¤£à¥€ कान आदि। इस यà¥à¤— में कॉरà¥à¤ªà¤¸ कॉलोसम खराब तरीके से काम करता है और सूचनाओं को à¤à¤• गोलारà¥à¤§ से दूसरे गोलारà¥à¤§ में बà¥à¤°à¥€ तरह से पहà¥à¤‚चाता है। बाà¤à¤‚ पारà¥à¤¶à¥à¤µ वरीयता वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के समूह में, ऑटिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• सà¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤° विकारों वाले बहà¥à¤¤ सारे बचà¥à¤šà¥‡ हैं और अति सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ की कमी वाले बचà¥à¤šà¥‡ हैं। इस तथà¥à¤¯ के पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® को इस जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के साथ समà¤à¤¾à¤¯à¤¾ गया है कि बाà¤à¤‚ पारà¥à¤¶à¥à¤µà¤•रण में दो तंतà¥à¤° हैं। पहला आनà¥à¤µà¤‚शिक है और दूसरा जनà¥à¤® से पहले और इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान आघात से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है। सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के समरà¥à¤¥à¤¨ के लिठशिकà¥à¤·à¤•ों के लिठशैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• और मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• तरीकों के सेट की पेशकश की जाती है।
कीवरà¥à¤¡: डबल à¤à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤¶à¤¨à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€, ऑटिजà¥à¤®, लेफà¥à¤Ÿ-हैंडेडनेस, अटेंशन डेफिसिट हाइपरà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ डिसऑरà¥à¤¡à¤°à¥¤
रूसी में पà¥à¤°à¤•ाशित। हमसे संपरà¥à¤• करने में संकोच न करें edit@libartrus.comअगर आपको लेख का अनà¥à¤µà¤¾à¤¦ चाहिà¤à¥¤
कृपया, लेख का हवाला दें: निकोलेवा ई। आई।, बà¥à¤°à¥à¤•ोवा à¤à¤¸à¥¤ à¤à¥¤, कासà¥à¤¨à¤¾à¤šà¥‡à¤µà¤¾ à¤à¤¨à¥¤ बी। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शिकà¥à¤·à¤£ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और माधà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में दोहरी असाधारणता की घटना // रूस में लिबरल आरà¥à¤Ÿà¥à¤¸à¥¤ 2016. वॉलà¥à¤¯à¥‚म। 5. नहीं। 5. पीपी। 474-487.
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18. पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का सामाजिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास: हम कà¥à¤¯à¤¾ जानते हैं?. ईडी। नेहारà¥à¤Ÿ à¤à¤®à¥¤, रीस à¤à¤¸à¥¤, रॉबिनà¥à¤¸à¤¨ à¤à¤¨à¥¤, मून à¤à¤¸à¥¤ वाको, TX: पà¥à¤°à¥à¤«à¥à¤°à¥‰à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤¸, 2002।
उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ मानसिक कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की पहचान करते समय, समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है: उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤¯à¤¾ और कैसे पढ़ाया जाà¤, उनके इषà¥à¤Ÿà¤¤à¤® विकास को कैसे बढ़ावा दिया जाà¤à¥¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ लोगों के लिठकारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® नियमित पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® से à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होने चाहिà¤à¥¤ मैं चाहूंगा कि à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की शिकà¥à¤·à¤¾ उनकी बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ जरूरतों को पूरा करे। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ विशेषताà¤à¤‚ होती हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उनके लिठपाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखा जाना चाहिà¤à¥¤ इन सामानà¥à¤¯ विशेषताओं में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित शामिल हैं।
सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों के अरà¥à¤¥, पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ की अवधारणाओं को जलà¥à¤¦à¥€ से समà¤à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¥¤ इस तरह की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ के लिठसामानà¥à¤¯à¥€à¤•रण के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• सामगà¥à¤°à¥€ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
समसà¥à¤¯à¤¾ के इचà¥à¤›à¥à¤• पकà¥à¤·à¥‹à¤‚ और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ समà¤à¤¨à¥‡ की इचà¥à¤›à¤¾ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। पारंपरिक शिकà¥à¤·à¤¾ में इस आवशà¥à¤¯à¤•ता को शायद ही कà¤à¥€ पूरा किया जाता है, और इसे सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° कारà¥à¤¯, खà¥à¤²à¥‡ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ और आवशà¥à¤¯à¤• संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कौशल के विकास के माधà¥à¤¯à¤® से विशेष शैकà¥à¤·à¤¿à¤• कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ में महसूस करने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ दी जानी चाहिà¤à¥¤
नोटिस करने, तरà¥à¤• करने और सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¥€à¤•रण के साथ आने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¥¤ विशेष पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ में उचà¥à¤š संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯à¤ªà¥‚रà¥à¤£ विकास इन कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं को गà¥à¤£à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से नठसà¥à¤¤à¤° तक बढ़ाता है और सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ के अंतहीन दोहराव के बोठसे छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाता है।
साथियों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उनकी असमानता के कारण चिंता, चिंता। पाठà¥à¤¯à¤šà¤°à¥à¤¯à¤¾ में à¤à¤• à¤à¤¾à¤µà¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• घटक को शामिल करने से बचà¥à¤šà¥‡ को खà¥à¤¦ को और अपने अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ को बेहतर ढंग से समà¤à¤¨à¥‡ में मदद मिलती है और खà¥à¤¦ को और दूसरों को सà¥à¤µà¥€à¤•ार करने में मदद मिलती है।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पढ़ाने के लिठअलग-अलग रणनीतियाठहैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ रूपों में मूरà¥à¤¤ रूप दिया जा सकता है। इसके लिठविशेष पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® तैयार किठजा रहे हैं। उचà¥à¤š मानसिक कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पढ़ाने की मà¥à¤–à¥à¤¯ रणनीतियों में तà¥à¤µà¤°à¤£ और संवरà¥à¤§à¤¨ शामिल हैं।
सीखने की गति लंबे समय से बहस का विषय रही है। कई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के लिठइसकी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¥€à¤²à¤¤à¤¾ की ओर इशारा करते हà¥à¤ तà¥à¤µà¤°à¤£ का समरà¥à¤¥à¤¨ करते हैं। दूसरों का मानना ​​​​है कि तà¥à¤µà¤°à¤£ सेटिंग उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° की बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤•तरफा दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि साथियों के साथ संचार और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास की उनकी आवशà¥à¤¯à¤•ता को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में नहीं रखा जाता है। तà¥à¤µà¤°à¤£ सीखने की दर में बदलाव के साथ जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है, न कि इसके सारà¥à¤¥à¤• हिसà¥à¤¸à¥‡ के साथ। जब सीखने का सà¥à¤¤à¤° और गति बचà¥à¤šà¥‡ की जरूरतों को पूरा नहीं करती है, तो उसके संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त विकास दोनों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चता है।
à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• मानक पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के साथ à¤à¤• नियमित ककà¥à¤·à¤¾ में रखना मानसिक रूप से मंद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤• सामानà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‡ को ककà¥à¤·à¤¾ में रखने जैसा है। à¤à¤¸à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बचà¥à¤šà¤¾ अनà¥à¤•ूलन करना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है, वह अपने सहपाठियों की तरह बनने की कोशिश करता है, और कà¥à¤› समय बाद उसका वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° ककà¥à¤·à¤¾ के अनà¥à¤¯ सà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के समान होगा। वह शिकà¥à¤·à¤• की संगत अपेकà¥à¤·à¤¾à¤“ं के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ और मातà¥à¤°à¤¾ में कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ को समायोजित करना शà¥à¤°à¥‚ कर देगा। à¤à¤• असावधान, अपà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ शिकà¥à¤·à¤• के साथ, à¤à¤¸à¤¾ बचà¥à¤šà¤¾ लंबे समय तक विकास में टिका रह सकता है।
तà¥à¤µà¤°à¤£ सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ लोगों के लिठआवशà¥à¤¯à¤• à¤à¤• सारà¥à¤µà¤à¥Œà¤®à¤¿à¤• रणनीति नहीं है। तà¥à¤µà¤°à¤£ केवल सà¥à¤•ूल में बिताठवरà¥à¤·à¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ को कम करता है।
तà¥à¤µà¤°à¤£ का उपयोग करके बनाठगठपाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को शामिल करने की मà¥à¤–à¥à¤¯ आवशà¥à¤¯à¤•ताà¤à¤‚ इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
1) छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को तà¥à¤µà¤°à¤£ में रà¥à¤šà¤¿ होनी चाहिà¤, उस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में रà¥à¤šà¤¿ और बढ़ी हà¥à¤ˆ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं का पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करना चाहिठजहां तà¥à¤µà¤°à¤£ का उपयोग किया जाà¤à¤—ा;
2) बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सामाजिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ रूप से परिपकà¥à¤µ होना चाहिà¤;
3) माता-पिता की सहमति आवशà¥à¤¯à¤• है, लेकिन उनकी सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ à¤à¤¾à¤—ीदारी आवशà¥à¤¯à¤• नहीं है।
यह माना जाता है कि गणित की योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को विदेशी à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं में पढ़ाने के लिठतà¥à¤µà¤°à¤£ सबसे अचà¥à¤›à¥€ रणनीति है।
तà¥à¤µà¤°à¤£ के कà¥à¤› रूप हैं, जैसे पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶à¥¤ à¤à¤• ओर, पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ तà¥à¤µà¤°à¤£ के सबसे अनà¥à¤•ूल पहलà¥à¤“ं को पà¥à¤°à¤•ट करता है, दूसरी ओर, नकारातà¥à¤®à¤• परिणामों के अवसर हैं, मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से दूसरों के साथ संबंधों और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास में। सà¥à¤•ूल में पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ संकेतकों के à¤à¤• सेट के आधार पर सावधानी से किया जाना चाहिà¤, जब बौदà¥à¤§à¤¿à¤• ततà¥à¤ªà¤°à¤¤à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ की वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त परिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ से मेल खाती है।
à¤à¤• नियमित ककà¥à¤·à¤¾ के ढांचे के à¤à¥€à¤¤à¤° मानक पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के पारित होने में तेजी लाना à¤à¥€ संà¤à¤µ है। यह इस तथà¥à¤¯ में पà¥à¤°à¤•ट होता है कि शिकà¥à¤·à¤• कई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठशिकà¥à¤·à¤¾ के वैयकà¥à¤¤à¤¿à¤•रण का आयोजन करता है (यह पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के सà¥à¤¤à¤° पर उचित है)। हालांकि, यह फॉरà¥à¤® सबसे कम पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ है।
दूसरी ककà¥à¤·à¤¾ में सबक। à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ à¤à¤• विशेष विषय सीख सकता है। उदाहरण के लिà¤, à¤à¤• पà¥à¤°à¤¥à¤®-गà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤° जो बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ पढ़ता है, वह पढ़ने में दूसरी, तीसरी, यहां तक ​​कि चौथी ककà¥à¤·à¤¾ में हो सकता है। यह फॉरà¥à¤® तà¤à¥€ सफल हो सकता है जब à¤à¤• से अधिक बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¤¾à¤— लें।
ककà¥à¤·à¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित करने का à¤à¤• रूप à¤à¥€ लागू होता है। इस अनà¥à¤µà¤¾à¤¦ के लिठधनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦, बचà¥à¤šà¤¾ बौदà¥à¤§à¤¿à¤• रूप से उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤• साथी छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ से घिरा हà¥à¤† है। तà¥à¤µà¤°à¤£ के इस रूप में, कोई सामाजिक-à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤, असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤à¤ और सीखने के अंतराल नहीं होते हैं।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की शिकà¥à¤·à¤¾ का समरà¥à¤¥à¤¨ करने का à¤à¤• अनà¥à¤¯ तरीका - संवरà¥à¤§à¤¨ - हमारे देश में अकà¥à¤¸à¤° विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ मंडलियों (गणित, à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤•ी, मॉडलिंग, आदि), वरà¥à¤—ों, विशेष विषयों के सà¥à¤•ूलों (संगीत, डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤‚ग, आदि) में अतिरिकà¥à¤¤ ककà¥à¤·à¤¾à¤“ं का रूप लेता है। ।) । इन मंडलियों में, आमतौर पर बचà¥à¤šà¥‡ के लिठà¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण और काफी जटिल सà¥à¤¤à¤° पर काम करने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है जो ऊब की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ नहीं देता है। इस पà¥à¤°à¤•ार, à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ की पà¥à¤°à¤—ति के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ और अचà¥à¤›à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है। यहां समसà¥à¤¯à¤¾ यह है कि à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ जो à¤à¤• मंडली (या मंडलियों) में जाता है, सामानà¥à¤¯ शिकà¥à¤·à¤¾ के विषयों का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ इस तरह से जारी रखता है जो उसकी बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ की विशेषताओं के अनà¥à¤°à¥‚प नहीं है।
समृदà¥à¤§à¤¤à¤¾ का à¤à¤• अधिक वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ और सैदà¥à¤§à¤¾à¤‚तिक रूप से पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤¤ तरीका पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में à¤à¤• पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ विशेषजà¥à¤ž दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ विकसित किया गया था जे। रेनज़à¥à¤²à¥€à¥¤ इस पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ में तीन सà¥à¤¤à¤° शामिल हैं। पहले सà¥à¤¤à¤° में वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤•, कà¤à¥€-कà¤à¥€ वैचारिक विषयों के साथ सामानà¥à¤¯ परिचित पर ककà¥à¤·à¤¾à¤à¤‚ शामिल होती हैं जो सामानà¥à¤¯ सà¥à¤•ूल पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® से परे होती हैं। पहले सà¥à¤¤à¤° के à¤à¥€à¤¤à¤° काम का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯, सà¤à¥€ को शामिल करना, और न केवल विशेष रूप से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शामिल करना, छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को उनके लिठरà¥à¤šà¤¿ का कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° खोजने में मदद करना है। दूसरा सà¥à¤¤à¤° संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं के विकास के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से है। रेज़à¥à¤¨à¥à¤²à¥€ पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ की à¤à¤• विशेषता पà¥à¤°à¤¥à¤® सà¥à¤¤à¤° की ककà¥à¤·à¤¾à¤“ं के आधार पर पà¥à¤°à¤•ट होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ के हितों के साथ संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• सीखने को संयोजित करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ है। पहले दो सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ को सà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठडिज़ाइन किया गया है, लेकिन इन ककà¥à¤·à¤¾à¤“ं के दौरान, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤› कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में विशेष रूप से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ माना जा सकता है, वे कà¥à¤² संखà¥à¤¯à¤¾ से बाहर खड़े होते हैं। इन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को रेज़à¥à¤¨à¥à¤²à¥€ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में तीसरे, उचà¥à¤šà¤¤à¤® सà¥à¤¤à¤° के संवरà¥à¤§à¤¨ में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ कराया गया है। इस तीसरे सà¥à¤¤à¤° के ढांचे के à¤à¥€à¤¤à¤° कारà¥à¤¯ में उस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में छातà¥à¤° का सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त शोध शामिल है जो उसके लिठसबसे बड़ी रà¥à¤šà¤¿ है, जिससे बचà¥à¤šà¥‡ को अपने सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के रचनातà¥à¤®à¤• कारà¥à¤¯ में अनà¥à¤à¤µ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होता है: न केवल लोगों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संचित जà¥à¤žà¤¾à¤¨ को आतà¥à¤®à¤¸à¤¾à¤¤ करना, बलà¥à¤•ि उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ अपने ही उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ का। इस पà¥à¤°à¤•ार रेज़à¥à¤¨à¥à¤²à¥€ की पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में न केवल छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के बौदà¥à¤§à¤¿à¤• संवरà¥à¤§à¤¨ के तरीके शामिल हैं, बलà¥à¤•ि शैकà¥à¤·à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के आधार पर उनमें से सबसे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ की पहचान करने के तरीके à¤à¥€ शामिल हैं, न कि मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• परीकà¥à¤·à¤£à¥¤ यह à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ "लोकतांतà¥à¤°à¤¿à¤•" कारà¥à¤¯ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करता है, इस तथà¥à¤¯ पर जोर दिया जाता है कि इसके तीन सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ में से दो सà¤à¥€ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किठजाते हैं, न कि केवल कà¥à¤› चà¥à¤¨à¤¿à¤‚दा लोगों को। इसके अलावा, तीन सà¥à¤¤à¤° आपको सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° कारà¥à¤¯ से पहले हितों के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बिंदॠशामिल करने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ देते हैं।
तà¥à¤µà¤°à¤£ और संवरà¥à¤§à¤¨ रणनीतियों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ लकà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ और उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯à¥‹à¤‚ के आधार पर à¤à¤• को दूसरे में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित कर सकती है। लेकिन इन रणनीतियों के कारà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤µà¤¯à¤¨ के रूपों में कई कमियां हैं। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ इतनी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त और अनूठी है कि पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• बचà¥à¤šà¥‡ की शिकà¥à¤·à¤¾ के लिठअनà¥à¤•ूलतम परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ पर अलग से विचार किया जाना चाहिà¤à¥¤
दूसरा तरीका - पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठविशेष सà¥à¤•ूल: गीत, वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®à¤¶à¤¾à¤²à¤¾à¥¤ आजकल, इस पà¥à¤°à¤•ार के शिकà¥à¤·à¤£ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ बहà¥à¤¤ लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ हैं। à¤à¤¸à¥‡ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ की गतिविधियां कई वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों पर आधारित होती हैं।
à¤à¤• विकास बिंदॠखोजें. à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के साथ सफल काम के लिà¤, सà¥à¤•ूल को उसका मजबूत पकà¥à¤· खोजना चाहिठऔर उसे यह दिखाने का अवसर देना चाहिà¤, सफलता का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ महसूस करना चाहिठऔर उसकी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं पर विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करना चाहिà¤à¥¤ तब और केवल तà¤à¥€ छातà¥à¤° में रà¥à¤šà¤¿ होगी, पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ विकसित होगी, जो सफलता के लिठà¤à¤• आवशà¥à¤¯à¤• शरà¥à¤¤ है।
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त विशेषताओं की पहचान. उसकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ सतह पर है, यह "नगà¥à¤¨ आंख" के लिठअदृशà¥à¤¯ हो सकता है।
à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® पर पाठ. बचà¥à¤šà¥‡ को उसके विकास के बिंदà¥à¤“ं में रखने का लकà¥à¤·à¥à¤¯ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ विषयों में पà¥à¤°à¤—ति की à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त गति की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है। बचà¥à¤šà¥‡ को गणित, देशी या विदेशी à¤à¤¾à¤·à¤¾ आदि पढ़ने का अवसर मिलना चाहिà¤à¥¤ अपने साथियों के साथ नहीं, बलà¥à¤•ि उन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ जिनके साथ वह जà¥à¤žà¤¾à¤¨ और कौशल के समान सà¥à¤¤à¤° पर है।
छोटे अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ समूह के आकार. यह वांछनीय है कि अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ समूह 10 लोगों से अधिक न हों। केवल इस मामले में वासà¥à¤¤à¤µ में à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया जा सकता है और छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकता है।
नेतृतà¥à¤µ गà¥à¤£à¥‹à¤‚ की शिकà¥à¤·à¤¾à¥¤à¤°à¤šà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• गतिविधि को सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° रूप से, दूसरों की परवाह किठबिना, अपनी गतिविधि का दायरा चà¥à¤¨à¤¨à¥‡ और आगे बढ़ने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ की विशेषता है।
पाठà¥à¤¯à¤šà¤°à¥à¤¯à¤¾ जो रचनातà¥à¤®à¤•ता के लिठजगह खोलती है।पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° कारà¥à¤¯ के अवसर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करना चाहिठऔर जटिल विशà¥à¤µà¤¦à¥ƒà¤·à¥à¤Ÿà¤¿ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं पर विचार करना चाहिà¤à¥¤
"मà¥à¤•à¥à¤¤ वरà¥à¤—" के पà¥à¤°à¤•ार के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ककà¥à¤·à¤¾à¤“ं का संगठन।इस पà¥à¤°à¤•ार की गतिविधि, जो छोटे समूह के आकार के लिठसà¥à¤µà¥€à¤•ारà¥à¤¯ है, में ककà¥à¤·à¤¾à¤“ं के दौरान छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के ककà¥à¤·à¤¾ में घूमने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾, विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ से घिरे समूहों का गठन और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ काम का अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत मà¥à¤•à¥à¤¤ विकलà¥à¤ª शामिल है।
शिकà¥à¤·à¤• शैली - छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के साथ सह-निरà¥à¤®à¤¾à¤£. पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ काम करने में à¤à¤• शिकà¥à¤·à¤• को जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ निकाय को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने के लिठइतना पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ नहीं करना चाहिठकि छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° निषà¥à¤•रà¥à¤· और खोज करने में मदद मिल सके। यह दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण इस तथà¥à¤¯ से à¤à¥€ जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है कि शिकà¥à¤·à¤• शà¥à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾ के सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ आकलन, सही उतà¥à¤¤à¤° के मानक सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ नहीं करता है। छातà¥à¤° आपस में बहस करते हैं और उतà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ की विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करते हैं।
शिकà¥à¤·à¤•ों का चयन. शिकà¥à¤·à¤•ों का चयन न केवल उनकी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ और छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण खोजने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर आधारित होना चाहिà¤à¥¤ नतीजतन, शिकà¥à¤·à¤•ों के चयन में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त रचनातà¥à¤®à¤•ता, उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° की चमक के कारक को à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखा जाना चाहिà¤à¥¤
माता-पिता के साथ काम करना. माता-पिता को अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚, उनकी ताकत और कमजोरियों और विकास की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं के बारे में गैर-सामानà¥à¤¯ जानकारी पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की जानी चाहिà¤à¥¤
छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के बीच सही संबंधों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£. नेतृतà¥à¤µ और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¤¾ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ रवैया छातà¥à¤° वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रूपों में नहीं बदलना चाहिà¤à¥¤ किसी à¤à¥€ मौखिक या शारीरिक आकà¥à¤°à¤®à¤£ पर à¤à¤• दृढ़ निषेध रखा जाना चाहिà¤à¥¤
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• सहायता. शैकà¥à¤·à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के सबसे तरà¥à¤•संगत संगठन के साथ à¤à¥€, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के उदà¥à¤à¤µ से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस मामले में, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• पेशेवर मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सहायता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की जानी चाहिà¤à¥¤
तीसरा तरीका है बिबà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤¥à¥‡à¤°à¥‡à¤ªà¥€ - à¤à¤• किताब के साथ इलाज। यह लंबे समय से माना जाता रहा है कि किताबें बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और वयसà¥à¤•ों को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त और शैकà¥à¤·à¤¿à¤• समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से निपटने में मदद करने का à¤à¤• मूलà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¨ और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ साधन हैं; जीवन में सफल होने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• कौशल विकसित करने के साधन। उनके लाà¤à¤•ारी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को इस तथà¥à¤¯ से समà¤à¤¾à¤¯à¤¾ जाता है कि, जब ठीक से उपयोग किया जाता है, तो वे मूलà¥à¤¯ अà¤à¤¿à¤µà¤¿à¤¨à¥à¤¯à¤¾à¤¸, जीवन की घटनाओं की वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ करने के तरीके और पारसà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤• संबंधों को बदल सकते हैं।
इस तथà¥à¤¯ के कारण उपहार के साथ काम करते समय लाइबà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¯à¤¨à¤¶à¤¿à¤ª विशेष रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होती है:
1) वे जलà¥à¤¦à¥€ पढ़ना शà¥à¤°à¥‚ करते हैं और किताबों में रà¥à¤šà¤¿ रखते हैं;
2) किताबें हर समय के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ लोगों के साथ संवाद करने का अवसर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती हैं जो समान समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से गà¥à¤œà¤°à¥‡ हैं और उन पर काबू पा चà¥à¤•े हैं। उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ और नाटकों, आतà¥à¤®à¤•थाओं और आतà¥à¤®à¤•थाओं, कविताओं और डायरियों में, à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ अपने और दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के साथ कà¥à¤¯à¤¾ हो रहा है, इसकी बेहतर समठकी कà¥à¤‚जी पा सकता है। परिचित संघरà¥à¤·à¥‹à¤‚ का सामना करने वाले नायकों के साथ पहचान के माधà¥à¤¯à¤® से, समान पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨à¥‹à¤‚ से पीड़ित, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ अपनी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को हल करने के तरीके ढूंढते हैं।
ककà¥à¤·à¤¾ में पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ालय चिकितà¥à¤¸à¤¾ का उपयोग ककà¥à¤·à¤¾ और/या वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की आवशà¥à¤¯à¤•ताओं के आधार पर किया जा सकता है। उदाहरण के लिà¤, यह पूरी ककà¥à¤·à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है - किसी पाठà¥à¤¯à¤šà¤°à¥à¤¯à¤¾ के कारण कà¥à¤› पाठों में ऊब जो किसी विशेष शà¥à¤°à¥‹à¤¤à¤¾ की विशेषताओं को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में नहीं रखती है; à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त छातà¥à¤° या छातà¥à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ - उदाहरण के लिà¤, सहपाठियों के साथ संबंधों में कठिनाइयाà¤; वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त कठिनाइयाठ- उदाहरण के लिà¤, à¤à¤• सकारातà¥à¤®à¤• आतà¥à¤®-छवि विकसित करने में।
सफल गà¥à¤°à¤‚थ सूची चिकितà¥à¤¸à¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•ता है:
1) à¤à¤• विशेष रूप से चयनित पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• को पढ़ना जो à¤à¤• समान समसà¥à¤¯à¤¾ को à¤à¤• डिगà¥à¤°à¥€ या किसी अनà¥à¤¯ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है;
2) जो पढ़ा गया उसकी बाद की चरà¥à¤šà¤¾à¥¤ बिना चरà¥à¤šà¤¾ के किताब पढ़ने से वांछित परिणाम नहीं मिल सकता है। यह महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ जो कà¥à¤› पढ़ता है उसकी चरà¥à¤šà¤¾ में à¤à¤¾à¤— लेता है, उसे बोलने का अवसर मिलता है। समसà¥à¤¯à¤¾ के आधार पर, चरà¥à¤šà¤¾ पूरी ककà¥à¤·à¤¾ में, छोटे समूहों में, केवल à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के साथ की जा सकती है। पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• पर आधारित चरà¥à¤šà¤¾ के अलावा, à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¨à¥‡, नाटक करने और समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के नठसमाधान की खोज का उपयोग किया जा सकता है।
पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ालयाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· उन सà¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का समाधान नहीं कर सकता है जो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का सामना करते हैं, लेकिन जब अचà¥à¤›à¥€ तरह से वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ होता है, तो यह कई मौजूदा कठिनाइयों को हल करने और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को रोकने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ अवसर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
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